वेदांता को सरकार से मिला ग्रीन सिग्नल, अब दौड़ेंगे शेयर? कमाई की कर लो तैयारी!
अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता लिमिटेड की डिमर्जर प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक पड़ाव आया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (पूर्व में माल्को एनर्जी लिमिटेड) को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्रदान कर दिया है. यह मंजूरी ऑयल एंड गैस बिजनेस को एक नई, स्वतंत्र कंपनी में स्थानांतरित करने के लिए अत्यंत आवश्यक थी, और इसके साथ ही डिमर्जर का यह अहम चरण पूरा हो गया है. इस मंजूरी के परिणामस्वरूप, राजस्थान, रवा, कैम्बे और KG बेसिन सहित वेदांता के सभी ऑयल एंड गैस एसेट्स अब नई कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस के तहत आ जाएंगे.
यह कदम वेदांता की रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत विभिन्न व्यवसायों को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में विभाजित किया जा रहा है, ताकि हर इकाई स्वतंत्र रूप से कार्य कर सके और निवेशकों को प्रत्येक व्यवसाय का वास्तविक मूल्य दिखाई दे.