कैसे हवा हो गई सेंसेक्स की 400 अंकों की बढ़त, आज शेयर बाजार में गिरावट के पीछे क्या है वजह?

Why Share Market Fall: बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX 7% से ज्यादा बढ़कर 15 के पार चला गया. सेंसेक्स 400 अंक से अधिक की बढ़त के साथ खुला था, लेकिन जल्द ही इसमें गिरावट आई और शुरुआती बढ़त खत्म हो गई.

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Why Share Market Fall: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी के साथ शुरुआत हुई, लेकिन बाद में इसमें भारी गिरावट आई. FII की लगातार बिकवाली, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और दूसरी चुनौतियों की वजह से बाजार का उत्साह कम हो गया और सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 900 अंक से अधिक गिर गया. सेंसेक्स 500 अंक से अधिक गिरकर 71,900 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 50 में लगभग 150 अंकों की गिरावट आई और यह 22,400 के स्तर से नीचे ट्रेड करने लगा.

इसी दौरान, बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX 7% से ज्यादा बढ़कर 15 के पार चला गया. सेंसेक्स 400 अंक से अधिक की बढ़त के साथ खुला था, लेकिन जल्द ही इसमें गिरावट आई और शुरुआती बढ़त खत्म हो गई.

टेक महिंद्रा के शेयरों में बड़ी गिरावट

सेंसेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट टेक महिंद्रा के शेयरों में देखी गई, जो लगभग 4% गिरे. वहीं, ITC, SBI, भारती एयरटेल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, L&T, NTPC, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में 3% तक की गिरावट आई. इसके उलट, M&M, BEL और ट्रेंट के शेयरों में लगभग 1% की बढ़त हुई. हालांकि, व्यापक बाजार का प्रदर्शन बेहतर रहा. निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1% तक की बढ़त देखी गई.

सेक्टोरल इंडेक्स का हाल

सेक्टर की बात करें तो निफ्टी FMCG और निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 1% से अधिक की गिरावट आई, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी IT में आधे फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, निफ्टी ऑटो में 1% से ज्यादा की बढ़त हुई. बेंचमार्क इंडेक्स के लाल निशान में ट्रेड करने के बावजूद, बाजार का कुल रुख सकारात्मक रहा. NSE पर 1,884 शेयरों में बढ़त और 1,474 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि 101 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

बॉन्ड यील्ड कई साल के उच्चतम स्तर पर

ग्लोबल बॉन्ड की बिकवाली का दौर तेज होता गया, जिससे बॉन्ड यील्ड में भारी उछाल आया. आम तौर पर, इससे इक्विटी बाजार की तुलना में कम जोखिम वाले सरकारी डेट कॉन्ट्रैक्ट अधिक आकर्षक लगने लगते हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में खत्म हुई तिमाही के दौरान 10-वर्षीय US ट्रेजरी यील्ड में 21वीं सदी की सबसे बड़ी तिमाही बढ़त दर्ज की गई.

10-साल के US ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड 5.3% से ऊपर चली गई है, जो 2007 के पीक से भी ज्यादा है और 2002 की शुरुआत के बाद से सबसे ऊंचे स्तर पर है. 30-साल के बॉन्ड की यील्ड 5.6% तक पहुंच गई है, जो 2002 के बाद से नहीं देखी गई थी.

भारत के 10-साल के बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 7.37% हो गई, जो तीन साल में सबसे ज्यादा है. यह RBI द्वारा बैंकिंग सेक्टर से अतिरिक्त लिक्विडिटी कम करने के उपायों की घोषणा के बाद हुआ है. RBI ने कहा है कि लेंडर्स को 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले पखवाड़े से CRR जरूरत का कम से कम 99% डेली बैलेंस बनाए रखना होगा, जो अब तक 90% था.

FII की बिकवाली तेज

अक्टूबर में FII की बिकवाली तेजी से बढ़ी है. विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में अब तक सिर्फ छह सेशन में 45,125 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे हैं, जो सितंबर महीने में कुल 45,536 करोड़ रुपये की बिकवाली के लगभग बराबर है.

वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ा

ईरान ने युद्ध खत्म करने के अपने प्रस्ताव पर US के हालिया जवाब को ‘नाकाफी’ बताते हुए खारिज कर दिया है. साथ ही, उसने चेतावनी दी है कि अगर लड़ाई फिर से तेज हुई तो क्षेत्रीय डेटा सेंटर्स और केबल्स पर हमले हो सकते हैं. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसेन रेजाई ने कहा कि वॉशिंगटन को उन मुद्दों को स्पष्ट करने की जरूरत है जो तेहरान के लिए साफ नहीं हैं.

रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अटैक

इस बीच, यमन के हूतियों ने शनिवार को रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली, जिसमें 13 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हो गए. सऊदी अधिकारियों ने रविवार को एयरपोर्ट पर हुए एक और हमले में भी लोगों के घायल होने की जानकारी दी. ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका हूतियों के खिलाफ सऊदी के हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहा है, क्योंकि फरवरी में US और इजराइल द्वारा ईरान के साथ शुरू किया गया व्यापक युद्ध अब फैल रहा है.

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