गुजरात के इस लड़के ने लाई EV सेक्टर में क्रांति, IIT से की पढ़ाई, दोस्त के साथ मिलकर बनाया Ather Energy

तरुण मेहता की सफलता की कहानी एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि सपने, मेहनत और लगन से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं. अहमदाबाद के एक साधारण मरवाड़ी परिवार में जन्मे तरुण ने इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भारत को नई दिशा दी. उन्होंने Ather Energy की स्थापना की, जो आज भारत की इलेक्ट्रिक स्कूटर इंडस्ट्री में अग्रणी कंपनी है.

तरुण मेहता का जन्म 31 अक्टूबर 1989 को अहमदाबाद, गुजरात में एक मरवाड़ी परिवार में हुआ. बचपन से ही वे जिज्ञासु और मेहनती थे. स्कूल में अच्छे नंबर लाते थे और चुनौतियों का सामना हिम्मत से करते थे. उन्होंने IIT-JEE की कठिन परीक्षा में कड़ी मेहनत से सफलता पाई और IIT मद्रास में मैकेनिकल इंजीनियरिंग (इंजीनियरिंग डिजाइन) में दाखिला लिया. कॉलेज में उन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप सेल में हिस्सा लिया, जहां बिजनेस बनाने का शौक जगा. यहीं उन्होंने अपने साथी स्वप्निल जैन से मुलाकात की, और दोनों ने मिलकर सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी पर काम करने का फैसला किया.
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IIT के दौरान तरुण ने कई इंटर्नशिप कीं – NID अहमदाबाद में ओपन इनोवेशन पर रिसर्च, Mercedes-Benz में इंजन ऑप्टिमाइजेशन और BHEL में प्रोटोटाइप टेस्टिंग. 2012 में पढ़ाई पूरी करने के बाद वे Ashok Leyland में डिप्टी मैनेजर बने. लेकिन उनका मन स्टार्टअप में था. उन्होंने नौकरी छोड़कर इलेक्ट्रिक वाहनों पर फोकस किया, क्योंकि उन्हें लगा कि EV भारत की मोबिलिटी को बेहतर बना सकते हैं.
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2013 में तरुण और स्वप्निल ने IIT मद्रास के हॉस्टल रूम से Ather Energy शुरू की. नाम ‘Ather’ ग्रीक शब्द से लिया, जिसका मतलब ‘शुद्ध’ है जो क्लीन और बेहतर टेक्नोलॉजी का प्रतीक है. शुरुआत में बैटरी पैक बनाने का आइडिया था, लेकिन बाद में उन्होंने पूरा इलेक्ट्रिक स्कूटर डिजाइन करने का फैसला किया. 5 साल तक रिसर्च और डेवलपमेंट किया, ताकि प्रोडक्ट परफेक्ट हो. 2018 में Ather 450 लॉन्च हुआ.
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आज Ather Energy भारत की टॉप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों में से एक है. कंपनी ने 500 करोड़ से ज्यादा फंडिंग जुटाई, वैल्यूएशन अरबों डॉलर तक पहुंची और 2025 में IPO के जरिए पब्लिक हुई. रेवेन्यू तेजी से बढ़ रहा है और प्रोडक्शन महीने में 30,000+ यूनिट तक पहुंच गया. कंपनी ने घरेलू पार्ट्स पर फोकस कर आत्मनिर्भर भारत को सपोर्ट किया, 60-70 पेटेंट फाइल किए और प्रीमियम क्वालिटी पर जोर दिया.
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तरुण की मेहनत रंग लाई – Forbes 30 Under 30 (2018), Fortune 40 Under 40 (कई साल), AIMA Young Entrepreneur Award (2023), और कई EV अवॉर्ड्स. वे सरकार के साथ EV पॉलिसी पर काम करते हैं और युवा उद्यमियों को इंस्पायर करते हैं. उनकी कहानी बताती है कि धैर्य, इनोवेशन और कस्टमर फोकस से कोई भी बड़ा सपना सच हो सकता है. तरुण मेहता साबित करते हैं – मेहनत और विजन से भारत को ग्लोबल EV लीडर बनाया जा सकता है!
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