₹79,900 का वैक्यूम क्लीनर लॉन्च, बालों से लेकर छिपी धूल तक की सफाई का दावा
डायसन के एक सर्वे में भारतीय घरों की सफाई से जुड़ी कई परेशानियां सामने आई हैं. 52% लोगों को फर्नीचर के नीचे सफाई करने में दिक्कत होती है, जबकि 36% लोग फर्श पर बाल रह जाने से परेशान हैं. इसी बीच कंपनी ने 79,900 रुपये का नया V16 Piston Animal वैक्यूम क्लीनर लॉन्च किया है, जिसमें कई स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं.

घर की सफाई करने में लोग रोजाना काफी समय लगाते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर धूल और गंदगी रह जाती है. वैक्यूम क्लीनर से सफाई करने के बाद भी फर्नीचर के नीचे, कोनों और कालीन पर बाल व धूल दिखाई देती है. डायसन के एक नए सर्वे में भारतीय घरों की सफाई से जुड़ी ऐसी ही कई बातें सामने आई हैं.
इस सर्वे में देश के 7 शहरों के 650 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया. इसमें यह जानने की कोशिश की गई कि लोग घर की सफाई कैसे करते हैं, उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है और सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों से उनकी क्या उम्मीदें हैं.
आधे से ज्यादा लोग 30 मिनट से एक घंटे तक करते हैं सफाई
सर्वे के मुताबिक, आधे से ज्यादा लोग फर्श की सफाई में 30 मिनट से एक घंटे तक का समय लगाते हैं. वहीं, 11% लोग एक से दो घंटे तक सफाई करते हैं. इसके बावजूद सफाई के बाद भी कई जगहों पर धूल और गंदगी छूट जाती है.
भारतीय घरों में मार्बल, टाइल्स, ग्रेनाइट, कालीन और गलीचे जैसी अलग-अलग सतहें होती हैं. सर्वे में शामिल 72% लोगों के घरों में कालीन या गलीचे हैं. वहीं, 51% लोगों के घरों में मार्बल, 49% के यहां विट्रिफाइड या सिरेमिक टाइल्स और 43% के घरों में ग्रेनाइट की सतह है. ऐसे में हर तरह की सतह की सफाई करना चुनौती बन जाता है.
फर्श पर बाल रह जाना बड़ी परेशानी
सर्वे में शामिल 36% लोगों ने माना कि सफाई के बाद भी फर्श पर इंसानों या पालतू जानवरों के बाल रह जाते हैं. लंबे बाल कई वैक्यूम क्लीनर के ब्रश में उलझ जाते हैं. ऐसे में सफाई करने के बाद ब्रश से बाल निकालने के लिए अलग से मेहनत करनी पड़ती है.
इसके अलावा, 52% लोगों ने बताया कि फर्नीचर के नीचे सफाई ठीक से नहीं हो पाती. वहीं, 48% लोगों को कोनों और किनारों की सफाई करने में परेशानी होती है. 38% लोगों की शिकायत है कि सफाई के कुछ समय बाद ही धूल दोबारा जमने लगती है.
सफाई के लिए लोग क्या चाहते हैं?
सर्वे के अनुसार, 61% लोग सफाई के उपकरण खरीदते समय बेहतर तकनीक को प्राथमिकता देते हैं. वहीं, 54% लोगों के लिए सफाई की बेहतर क्षमता और 49% लोगों के लिए ब्रांड पर भरोसा अहम है. इसके मुकाबले 21% लोगों ने बेहतर कीमत या ऑफर को प्राथमिकता दी.
अब लोग वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल सिर्फ फर्श के लिए नहीं, बल्कि घर के दूसरे हिस्सों की सफाई के लिए भी कर रहे हैं. सर्वे में 71% लोग फर्नीचर के नीचे, 70% कठोर फर्श पर और 69% कालीन, गलीचों व सोफे जैसे फर्नीचर की सफाई के लिए वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करते हैं. वहीं, 63% लोग बिस्तर और गद्दों की सफाई भी इससे करते हैं.
डायसन ने लॉन्च किया नया वैक्यूम क्लीनर
इन परेशानियों को ध्यान में रखते हुए डायसन ने अपना नया V16 Piston Animal कॉर्डलेस वैक्यूम क्लीनर पेश किया है. इसकी कीमत 79,900 रुपये है. कंपनी के मुताबिक, यह उसका अब तक का सबसे शक्तिशाली एंटी-टैंगल कॉर्डलेस वैक्यूम क्लीनर है.
इसमें ऐसा क्लीनर हेड दिया गया है, जो फर्श की सतह के हिसाब से सक्शन पावर और ब्रश की स्पीड को अपने आप बदल सकता है. इसके ब्रश में उलझने वाले लंबे बालों को निकालने की सुविधा भी है. LED लाइट की मदद से फर्नीचर के नीचे और कोनों में छिपी धूल देखी जा सकती है.
कंपनी का दावा है कि यह वैक्यूम क्लीनर एक बार चार्ज करने पर 70 मिनट तक चल सकता है. इसके डस्टबिन में धूल और कचरे को दबाकर ज्यादा जगह बनाई जाती है, जिससे बार-बार उसे खाली करने की जरूरत कम पड़ती है.
सर्वे से पता चलता है कि घर की सफाई में सिर्फ ज्यादा समय लगाना काफी नहीं है. सही उपकरण और मुश्किल जगहों तक पहुंचने की सुविधा भी जरूरी है, ताकि धूल और गंदगी को बेहतर तरीके से हटाया जा सके.
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