कमाई बढ़ी फिर भी मारुति सुजुकी को लगा झटका, तिमाही नतीजों में घटा इतना मुनाफा
मारुति सुजुकी के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों में कंपनी का मुनाफा 26% गिरकर 2,466 करोड़ रुपये रह गया. हालांकि, इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू में 26% की बढ़ोतरी हुई और यह 53,356 करोड़ रुपये पहुंच गया. नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में 2% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली.
Highlights
- मारुति सुजुकी का दूसरी तिमाही में मुनाफा 26% घटा
- कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 53,356 करोड़ रुपये तक पहुंच गया
- तिमाही नतीजों के बाद शेयरों में 2% से ज्यादा तेजी
देश की सबसे बड़ी कार कंपनियों में शामिल मारुति सुजुकी इंडिया के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे सामने आए हैं. जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 26% की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, इस दौरान कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हुई. कंपनी का रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मुनाफे में गिरावट निवेशकों के लिए अहम संकेत है.
2,466 करोड़ रुपये रहा कंपनी का मुनाफा
मारुति सुजुकी का जुलाई-सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घटकर 2,466 करोड़ रुपये रह गया. पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने 3,349 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में करीब 26% की कमी आई है.
कंपनी के मुनाफे में गिरावट से पता चलता है कि कमाई बढ़ने के बावजूद खर्च और दूसरे कारोबारी पहलुओं का असर नतीजों पर पड़ा. हालांकि, मुनाफे में कमी की वजहों को समझने के लिए कंपनी के खर्च, मार्जिन और अन्य वित्तीय आंकड़ों पर भी नजर डालना जरूरी है.
रेवेन्यू में 26% की बढ़ोतरी
मुनाफे में गिरावट के उलट कंपनी के रेवेन्यू में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली. दूसरी तिमाही में मारुति सुजुकी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर 53,356 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 42,344 करोड़ रुपये था.
इस तरह कंपनी की कमाई में सालाना आधार पर करीब 26% की बढ़ोतरी हुई. रेवेन्यू में यह उछाल कंपनी के कारोबार के विस्तार को दिखाता है, लेकिन मुनाफे में गिरावट के कारण कंपनी की लागत और लाभ मार्जिन पर भी ध्यान देना होगा.
नतीजों के बाद शेयरों में तेजी
तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद शेयर बाजार में मारुति सुजुकी के शेयरों में तेजी देखने को मिली. कारोबार के अंत में कंपनी के शेयर 2% से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए. कंपनी के नतीजों में रेवेन्यू की मजबूत बढ़ोतरी और मुनाफे में गिरावट दोनों अहम पहलू हैं. निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपनी लागत को किस तरह नियंत्रित करती है और मुनाफे में सुधार के लिए क्या कदम उठाती है.
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