TV9 NETWORK
User
Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

EPS Higher Pension: पेंशन में देरी से परेशान रिटायर्ड कर्मचारियों ने मांगी राहत, ब्याज माफी की मांग

हायर ईपीएस पेंशन में देरी से परेशान पेंशनर्स ने राहत की मांग उठाई है. नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ पेंशनर्स एसोसिएशंस ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने, ईपीएफओ के जनवरी 2025 के सर्कुलर को वापस लेने और देरी के कारण लगने वाले ब्याज से राहत देने की मांग की है. अब पेंशनर्स को फैसले का इंतजार है.

हायर ईपीएस पेंशन

Highlights

  • हायर ईपीएस पेंशन के लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने की मांग
  • पेंशनर्स ने ईपीएफओ के जनवरी 2025 सर्कुलर को वापस लेने की अपील की
  • प्रशासनिक देरी से लगने वाले ब्याज में राहत की मांग उठी

रिटायरमेंट के बाद ज्यादा पेंशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनर्स की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. हायर ईपीएस पेंशन के कई मामलों में देरी और दावों के खारिज होने को लेकर पेंशनर्स ने राहत की मांग उठाई है. उनकी मांग है कि पेंशन के मामलों का जल्द निपटारा किया जाए और प्रशासनिक देरी के कारण लगने वाले ब्याज के बोझ से राहत दी जाए.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की हस्तक्षेप की मांग

नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ पेंशनर्स एसोसिएशंस (NCPA) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर हायर ईपीएस पेंशन से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करने की अपील की है. संगठन का दावा है कि वह करीब 10 लाख पेंशनर्स का प्रतिनिधित्व करता है.

23 अक्टूबर 2026 को भेजे गए ज्ञापन में संगठन ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के 18 जनवरी 2025 के सर्कुलर को वापस लेने की मांग की है. इसके अलावा, पेंशन से जुड़े लंबित मुकदमों की समीक्षा करने और पात्र आवेदकों के दावों का समयबद्ध तरीके से निपटारा करने की अपील की गई है.

हायर पेंशन के दावे क्यों अटक रहे हैं?

विवाद मुख्य रूप से उन कर्मचारियों से जुड़ा है, जिन्होंने ऐसे संस्थानों में काम किया जहां भविष्य निधि का प्रबंधन अलग ट्रस्ट के जरिए होता है. संगठन का आरोप है कि कुछ मामलों में पुराने ट्रस्ट नियमों और वेतन सीमा का हवाला देकर हायर पेंशन के दावे खारिज किए जा रहे हैं.

NCPA का कहना है कि ट्रस्ट के आंतरिक नियमों के आधार पर कर्मचारियों को हायर पेंशन के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. इस मुद्दे पर अलग-अलग अदालतों में मामले लंबित हैं. संगठन ने समान परिस्थितियों वाले कर्मचारियों के साथ एक जैसा व्यवहार करने की मांग भी उठाई है.

हर महीने हजारों रुपये की पेंशन, फिर भी राहत का इंतजार

संगठन के मुताबिक, कई रिटायर्ड कर्मचारियों को फिलहाल 2,000 से 5,000 रुपये महीने तक पेंशन मिल रही है. हायर पेंशन का लाभ पाने के लिए उन्हें लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ रही है. संगठन ने दावा किया है कि कुछ मामलों में प्रशासनिक देरी के कारण ब्याज का बोझ हर महीने 40,000 रुपये तक पहुंच सकता है.

पेंशनर्स की क्या हैं तीन प्रमुख मांगें?

NCPA ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं. पहली, EPFO के जनवरी 2025 के सर्कुलर को वापस लिया जाए. दूसरी, लंबित मुकदमों की समीक्षा कर पात्र पेंशनर्स के मामलों में एक समान नियम लागू किए जाएं. तीसरी, प्रशासनिक देरी के कारण लगने वाले ब्याज में राहत दी जाए और हायर पेंशन के दावों का जल्द निपटारा किया जाए.

यह भी पढ़ें- Jio IPO में हुआ मुनाफा नहीं होगा फ्री! शेयर बेचते ही देना होगा इतना टैक्स