Google लाया Dreambeans ऐप, फोटोज और जेमिनी से जुड़कर बनाएगा पर्सनलाइज्ड स्टोरीज!

Google Dreambeans ऐप को लॉन्च कर दिया गया है, इसका मकसद पर्सनल मूमेंट्स को दिलचस्प विजुअल कहानियों में बदलना है. जीमेल और फोटोज जैसी सर्विस से डेटा का इस्तेमाल कर यह ऐप ऐसी अनोखी कहानियां बनाता है जो यूजर्स के अनुभव से मेल खाती है.

गूगल ऐप Image Credit: गूगल

Google Dreambeans App: गूगल ने भारत में अपने एक्सपेरिमेंटल ड्रीमबीन्स ऐप को लॉन्च कर दिया है. इस कदम के साथ, यह बड़ी टेक कंपनी अपने AI पावर्ड पर्सनलाइज्ड स्टोरी कलेक्शन को 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के यूजर्स के लिए ला रही है. गूगल के मुताबिक, यह ऐप Gmail, Calendar, Photos, Search, Gemini और YouTube जैसी चुनी हुई गूगल सर्विसेज से मिली जानकारी के आधार पर रोजाना विजुअल स्टोरीज बना सकता है. ड्रीमबीन्स, गूगल लैब्स एक्सपेरिमेंट का हिस्सा है और अभी एंड्रॉयड और iOS पर उपलब्ध है.

Google Dreambeans बनाता है पर्सनलाइज्ड कलेक्शन

एक प्रेस नोट में, गूगल ने ड्रीमबीन्स ऐप को एक एक्सपेरिमेंटल ऐप बताया जो यूजर्स को फीड स्क्रॉल किए बिना या प्रॉम्प्ट डाले बिना उनकी पसंद की जानकारी खोजने में मदद कर सकता है. इसके बजाय, यह यूजर्स द्वारा चुने गए गूगल ऐप्स से मिली जानकारी का इस्तेमाल कर हर दिन स्टोरीज का पर्सनलाइज्ड कलेक्शन बनाता है.

कंपनी के मुताबिक, ये स्टोरीज कई तरह के सब्जेक्ट्स को कवर कर सकती है, जिसमें वो जगहें शामिल हैं जिन्हें यूजर्स एक्सप्लोर करना चाहते हैं, आर्ट्स और क्राफ्ट्स, आने वाले लोकल इवेंट्स और रिमाइंडर्स. ज़्यादा जानने के लिए अलग-अलग स्टोरीज़ खोल सकते हैं, उन्हें बाद के लिए बुकमार्क कर सकते हैं या दूसरों के साथ शेयर कर सकते हैं. कंपनी ऐप से बनी स्टोरीज को बेहतर बनाने में मदद के लिए यूजर का फीडबैक भी लेती है.

गूगल का कहना है कि Dreambeans, कैलेंडर, जेमिनी, जीमेल, फोटो, सर्च और यूट्यूब जैसी कनेक्टेड गूगल सर्विसेज से जानकारी लेता है. दावा किया गया है कि ऐप को यूजर्स के सवाल पूछने का इंतजार करने के बजाय, काम का कंटेंट पहले से दिखाने के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें एक ऐसा फीचर भी है जो अपने Veo वीडियो-जेनरेशन मॉडल का इस्तेमाल करके चुनी हुई स्टोरीज़ में इमेज को एनिमेट कर सकता है.

इन भाषाओं में है उपलब्ध

Dreambeans आज से भारत में 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के यूजर्स के लिए उपलब्ध है. ऐप को एंड्रॉयड और iOS दोनों डिवाइस पर डाउनलोड किया जा सकता है. यह 14 भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिनमें इंग्लिश, हिंदी, बंगाली, तेलुगु, मराठी, तमिल, उर्दू, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, असमिया और नेपाली शामिल है.

गूगल ने बताया है कि यूजर्स अपनी बनाई गई स्टोरीज के लिए एक बार में सिर्फ एक ही भाषा चुन सकते हैं. कंपनी ने, खास तौर पर, जून में ड्रीमबीन्स को पेश किया था और शुरू में इसे यूएस यूजर्स के लिए रोल आउट किया था. हाल ही में इसका एक्सेस 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के सभी एलिजिबल US यूजर्स तक बढ़ा दिया गया है. भारत इस ऐप का एक्सेस पाने वाला पहला इंटरनेशनल मार्केट बन गया है.

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