यूजर्स के विरोध के बाद Meta ने हटाया AI फीचर, Instagram फोटो के इस्तेमाल पर मचा था विवाद

Meta ने यूजर्स के विरोध के बाद अपने नए Muse AI इमेज जनरेटर का विवादित फीचर हटा दिया है. यह फीचर पब्लिक Instagram अकाउंट की तस्वीरों के आधार पर AI इमेज बनाने की सुविधा देता था. इसे लेकर डेटा प्राइवेसी, इमेज स्क्रैपिंग और यूजर की सहमति पर सवाल उठे थे.

Meta ने Muse AI इमेज जनरेटर का विवादित फीचर हटा दिया है. Image Credit: money9live

Muse AI: Meta ने अपने नए AI इमेज जनरेटर Muse AI का एक विवादित फीचर हटा दिया है. इस फीचर को लेकर यूजर्स ने प्राइवेसी और डेटा सेफ्टी पर सवाल उठाए थे. फीचर के जरिये पब्लिक Instagram अकाउंट की तस्वीरों का इस्तेमाल AI इमेज बनाने के लिए किया जा सकता था. विरोध बढ़ने के बाद Meta ने कहा कि उसे यूजर्स की रिएक्शन मिली है और अब यह फीचर उपलब्ध नहीं रहेगा. भारत सरकार भी इस मामले की जांच कर रही है.

क्या था नया AI फीचर

Meta ने हाल ही में Muse AI नाम का नया AI इमेज जनरेटर पेश किया था. इसके तहत यूजर्स किसी पब्लिक Instagram अकाउंट को टैग करके उसकी तस्वीरों के आधार पर AI इमेज बना सकते थे. कंपनी का कहना था कि इसका मकसद लोगों को एक नया क्रिएटिव टूल देना है. हालांकि इस फीचर को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठने लगे.

प्राइवेसी को लेकर हुआ विरोध

यूजर्स और डिजिटल अधिकार से जुडे कई लोगों ने इस फीचर पर आपत्ति जताई. उनका कहना था कि इससे बिना स्पष्ट अनुमति के पब्लिक Instagram तस्वीरों का AI मॉडल में इस्तेमाल हो सकता है. साथ ही इमेज स्क्रैपिंग और डेटा प्राइवेसी को लेकर भी चिंता जताई गई. सोशल मीडिया पर इस फीचर की काफी आलोचना हुई.

Meta ने क्या कहा

लगातार विरोध के बाद Meta ने अपने बयान में कहा कि उसने यूजर्स की रिएक्शन को गंभीरता से लिया है. कंपनी ने माना कि यह फीचर लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. इसी वजह से इसे हटा दिया गया है. Meta ने कहा कि उसका मकसद केवल एक यूजफूल क्रिएटिव टूल उपलब्ध कराना था.

भारत सरकार भी करेगी जांच

इस विवाद के बाद भारत सरकार ने भी मामले पर नजर रखी है. सरकार इस फीचर से जुड़ी शिकायतों और सुझावों की जांच करेगी. जरूरत पड़ने पर मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत इसका आकलन किया जाएगा.

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Muse AI पर पहले से थी नजर

Meta ने Muse AI को अपना अब तक का सबसे शक्तिशाली AI इमेज जनरेशन मॉडल बताया था. इसे Superintelligence Labs ने डेवलप किया है. लेकिन लॉन्च के तुरंत बाद डेटा सेफ्टी, यूजर की सहमति और प्राइवेसी को लेकर विवाद शुरू हो गया. अब विवादित फीचर हटाने के बाद कंपनी आगे के सुधारों पर ध्यान दे रही है.