अमेरिकी कोर्ट से ट्रंप को एक और झटका, फरवरी में लगाए गए 10% टैरिफ को बताया गैरकानूनी; जानें आगे क्या होगा?

अमेरिका में Donald Trump की 10% ग्लोबल टैरिफ नीति को बड़ा झटका लगा है. न्यूयॉर्क की फेडरल ट्रेड कोर्ट ने इन टैरिफ को गैरकानूनी बताते हुए रोक लगा दी. अदालत ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने अपने अधिकारों से आगे बढ़कर फैसला लिया. इस निर्णय से छोटे कारोबारियों को राहत मिली है, जबकि अब मामला ऊपरी अदालत और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है.

ट्रंप के खिलाफ कोर्ट पहुंचे अमेरिकी राज्य. Image Credit: Getty image

Donald Trump Tariffs: अमेरिका में राष्ट्रपति Donald Trump की नई 10% ग्लोबल टैरिफ नीति को बड़ा झटका लगा है. न्यूयॉर्क की फेडरल ट्रेड कोर्ट ने इन टैरिफ को गैरकानूनी और बिना अधिकार वाला फैसला बताया है. अदालत ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने अपनी सीमा से बाहर जाकर यह फैसला लिया. अब इस मामले पर आगे कानूनी लड़ाई तेज हो सकती है.

यह विवाद ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए अस्थायी 10% ग्लोबल टैरिफ को लेकर है. फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल लगभग सभी देशों पर लगाए गए बड़े डबल डिजिट टैरिफ को रद्द कर दिया था, जिसके बाद ट्रंप प्रशासन ने नए 10% टैरिफ लागू किए. ये टैरिफ 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत लगाए गए थे और फिलहाल इनकी अवधि 24 जुलाई तक तय की गई है. अब न्यूयॉर्क की फेडरल ट्रेड कोर्ट ने इसी टैरिफ को गैरकानूनी बताया है.

अदालत ने क्यों रोका टैरिफ?

तीन जजों की बेंच ने 2-1 के फैसले में कहा कि अमेरिकी संविधान के अनुसार, टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस के पास है. अदालत के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने जिस कानून के तहत 10% टैरिफ लगाए, वह उन्हें इसका अधिकार नहीं देता. इसलिए इन टैरिफ को अवैध माना गया.

छोटे कारोबारियों ने दी थी चुनौती

यह मामला दो छोटी कंपनियों और वॉशिंगटन राज्य की ओर से दायर किया गया था. खिलौना कंपनी बेसिक फन और मसाला कंपनी बर्लैप एंड बैरल ने कहा था कि टैरिफ से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ. बेसिक फन के CEO जे फोरमैन ने बताया कि उनकी कंपनी अब तक 1 लाख डॉलर से ज्यादा टैरिफ चुका चुकी है.

अब आगे क्या होगा?

ट्रंप प्रशासन इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकता है. मामला पहले यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स जाएगा और बाद में सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच सकता है. फिलहाल अदालत का फैसला सिर्फ उन कंपनियों पर लागू हुआ है जिन्होंने केस किया था, लेकिन इससे बाकी कारोबारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है.

ट्रंप प्रशासन नए रास्ते तलाश रहा

अदालत के फैसले के बावजूद ट्रंप प्रशासन नए टैरिफ लगाने के विकल्पों पर काम कर रहा है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय चीन, यूरोपीय संघ और जापान समेत कई देशों की व्यापार नीतियों की जांच कर रहा है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कौन-से देश जबरन मजदूरी से बने सामान को रोकने में नाकाम हैं.

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