KCC पर बड़ा अपडेट! अब बकरी पालन और सूअर पालन करने वालों को भी मिलेगा सस्ता लोन
Kisan Credit Card (KCC) का दायरा बढ़ाकर अब पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और सूअर पालन से जुड़े लोगों को भी कम ब्याज दर पर लोन की सुविधा दी जा रही है. सरकार का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ उन्हें सस्ती वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है. KCC के जरिए मिलने वाला लोन पशुओं की खरीद, चारा, दवा, मत्स्य पालन और अन्य जरूरी खर्चों में मदद करता है.

Kisan Credit Card (KCC) अब केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं रह गया है. केंद्र सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और सूअर पालन से जुड़े किसानों को भी इसमें शामिल किया है. इसका उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को कम ब्याज दर पर आसान लोन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने कारोबार का विस्तार कर सकें और अपनी आय बढ़ा सकें. सरकार का मानना है कि इस पहल से खासकर पूर्वोत्तर भारत के किसानों और पशुपालकों को बड़ा लाभ मिला है. इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और सूअर पालन से जुड़े हैं. ऐसे में KCC के जरिए मिलने वाली रियायती ब्याज दर पर लोन सुविधा ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
पशुपालकों और मछली पालकों को भी मिल रही सस्ती वित्तीय सहायता
पहले Kisan Credit Card का लाभ मुख्य रूप से फसल उगाने वाले किसानों को मिलता था, लेकिन अब डेयरी, मत्स्य पालन और अन्य संबद्ध कृषि गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ दिया जा रहा है. इसके तहत पात्र लाभार्थियों को कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराया जाता है. इससे पशुओं की खरीद, चारा, दवा, उपकरण, तालाब विकास, मत्स्य बीज और अन्य जरूरी खर्चों के लिए पूंजी जुटाना आसान हो जाता है. साथ ही, किसानों को महंगे ब्याज पर निजी स्रोतों से कर्ज लेने की जरूरत भी कम पड़ती है.
बकरी पालन और सूअर पालन को भी मिला बढ़ावा
सरकार ने बकरी पालन और सूअर पालन जैसे व्यवसायों को भी KCC के दायरे में शामिल किया है. विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों में ये दोनों गतिविधियां ग्रामीण आय का महत्वपूर्ण स्रोत हैं. आसान ऋण मिलने से इन क्षेत्रों में छोटे उद्यमियों और किसानों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिल रही है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं.
Solar Pump से घटा खर्च
सरकार ने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में किसान अब Solar Pump का उपयोग कर रहे हैं. इससे सिंचाई के लिए बिजली पर होने वाला खर्च काफी कम हुआ है. जिन क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता सीमित है, वहां भी Solar Pump किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं.
बिजली बिल में कमी आने से किसानों की उत्पादन लागत घटती है और उनकी बचत बढ़ती है. साथ ही, यह स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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