चीन के हर्बिसाइड के आयात पर सरकार सख्त! डंपिंग के शक ने बढ़ाई निगरानी, जानें खेती में क्यों होता है इस्तेमाल
भारत सरकार ने चीन से आयात होने वाले हर्बिसाइड ग्लूफ़ोसिनेट और उसके सॉल्ट्स की निगरानी कड़ी कर दी है. सरकार को आशंका है कि चीनी निर्यातक एंटी-डंपिंग ड्यूटी का असर कम करने के लिए निर्यात कीमतों में बदलाव कर रहे हैं. इसी के साथ ब्यूटाइल अल्कोहल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी पांच साल के लिए बढ़ा दी गई है, जबकि भारत-ब्रिटेन CETA के तहत कुछ विशेष जानवरों के आयात पर सीमा शुल्क और IGST में छूट दी गई है.
भारतीय घरेलू उद्योगों को बचाने और चीनी चालाकियों को नाकाम करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. भारत ने चीन से आयात होने वाले प्रमुख हर्बिसाइड (खरपतवार नाशक) ‘ग्लूफ़ोसिनेट’ (Glufosinate) और उसके सॉल्ट्स की निगरानी अचानक से बढ़ा दी है. ईटी रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को शक है कि चीनी निर्यातक एंटी-डंपिंग ड्यूटी को बेअसर करने के लिए अपनी कीमतों में खेल कर रहे हैं.
चीनी आयात पर कड़ा पहरा
रिपोर्ट के मुताबिक, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) की शुरुआती जांच में सामने आया है कि चीनी एक्सपोर्टर्स ने एंटी-डंपिंग ड्यूटी के प्रभाव को कम करने के लिए अपनी निर्यात कीमतों को घटा दिया है. इस चालाकी को रोकने के लिए राजस्व विभाग ने सीमा शुल्क (Customs) अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस हर्बिसाइड के आयात का अस्थायी मूल्यांकन (Provisional Assessment) करें.
अब आयातकों को न सिर्फ मौजूदा एंटी-डंपिंग ड्यूटी चुकानी होगी, बल्कि एक फाइनेंशियल गारंटी भी देनी होगी, ताकि जांच के बाद यदि ड्यूटी बढ़ाई जाए, तो उसकी भरपाई की जा सके.
क्या है ग्लूफ़ोसिनेट और इसका इस्तेमाल?
ग्लूफ़ोसिनेट एक बेहद असरदार और ब्रॉड-स्पेक्ट्रम हर्बिसाइड है. इसका मुख्य इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होने वाली कमर्शियल खेती में किया जाता है. यह मक्का, सोयाबीन, कपास और कैनोला जैसी फसलों में अनचाहे खरपतवार और घास-फूस को नष्ट करने के काम आता है, ताकि मुख्य फसल को नुकसान न पहुंचे.
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अन्य देशों में बढ़ाई छूट की सीमा
घरेलू उत्पादकों को सुरक्षा देने के लिए सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत अमेरिका, मलेशिया और दक्षिण अफ्रीका से आयात होने वाले ‘ब्यूटाइल अल्कोहल’ पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी को अगले पांच सालों के लिए और बढ़ा दिया गया है.
इस बीच, सरकार ने एक और अधिसूचना जारी कर भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के तहत बड़ी राहत दी है. अब अंतरराष्ट्रीय आयोजनों, प्रदर्शनियों और चुनिंदा सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए बाहर से लाए जाने वाले विशेष जानवरों पर कोई सीमा शुल्क या आईजीएसटी (Integrated GST) नहीं लगेगा.
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