क्यों होता है CNG Car में ब्लॉस्ट? Vadodara हादसे के बाद जान लें ये 3 जरूरी सेफ्टी रूल्स
CNG Car चलाते हैं तो सेफ्टी का ध्यान रखिए, नहीं तो एक छोटी सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता है और जान भी आफत में पड़ सकती है. हम आज आपको समझाएंगे कि सीएनजी कार में ब्लास्ट के पीछे क्या वजह हो सकती है और हादसे से कैसे बचा जा सकता है?

गुजरात के वडोदरा जिले में Karjan के पास नेशनल हाईवे 48 पर एक CNG स्टेशन पर फ्यूल भरवाते समय कार में धमाका हो गया,धमाके से गाड़ी और आस-पास की प्रॉपर्टी को बहुत नुकसान हुआ लेकिन इस घटना में किसी के घायल होने की खबर सामने नहीं आई है. वडोदरा जैसी घटना से हम सभी को एक सीख लेनी की जरूरत है, खासतौर से उन लोगों को जिनके पास सीएनजी गाड़ी है.
समझने वाली बात यह है कि आखिर वो क्या वजह है जिस वजह से CNG Car में ब्लॉस्ट हो सकता है और कौन सी हैं वो 3 जरूरी बातें जो आपको वडोदरा जैसे हादसे से बचाने में मदद कर सकती हैं.
क्यों होता है CNG Car में ब्लास्ट?
टेस्टिंग न कराना पड़ेगा भारी: दिल्ली-एनसीआर में अब सीएनजी पंप पर काफी सख्ती हो गई है, अगर किसी भी व्यक्ति की कार में लगा सिलेंडर हाइड्रोटेस्ट से नहीं गुजरा है तो ऐसी गाड़ी को सीएनजी नहीं मिलेगी. सरकार की ओर से हर 3 साल में 1 बार सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग करवाना अनिवार्य है. हाइड्रो टेस्टिंग से इस बात का पता चलता है कि सीएनजी रीफ्यूलिंग के दौरान सिलेंडर प्रेशर झेलने में सक्षम होगा या नहीं.
लो क्वालिटी किट का इस्तेमाल: अगर आपकी गाड़ी में कंपनी फिटेड सिलेंडर लगा है तो अच्छी बात है, लेकिन अगर आपने ऑफ्टरमार्केट सीएनजी किट लगवाई है तो इंस्टॉलेशन के दौरान सस्ती पाइप या सही तरीके से इंस्टॉलेशन न होने पर गैस लीकेज का खतरा बना रहता है.
हाइड्रो टेस्ट न करवाने का नुकसान
जो लोग पैसे बचाने के चक्कर में सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग नहीं करवाते हैं, उन लोगों को ये बात जान लेनी चाहिए कि सीएनजी पंप पर 200 बार या उससे अधिक का गैस प्रेशर से सिलेंडर में गैस भरी जाती है. हाइड्रो टेस्ट में इससे ज्यादा प्रेशर से सिलेंडर में पानी छोड़ा जाता है जिससे इस बात का पता चले कि अगर सीएनजी पंप पर ज्यादा प्रेशर आता है तो क्या सिलेंडर प्रेशर को झेल पाएगा या फिर फट जाएगा. सिलेंडर में Crack है तो ज्यादा प्रेशर आने पर सिलेंडर फट भी सकता है.
ये है 3 जरूरी सेफ्टी रूल्स
फ्यूलिंग के दौरान हमेशा गाड़ी से बाहर निकलें, यह सबसे जरूरी सावधानी है. वडोदरा की घटना में, ड्राइवर और अटेंडेंट के कार से दूर होने की वजह से शायद कोई हताहत नहीं हुआ. CNG भरवाते समय पैसेंजर को भी गाड़ी से बाहर निकलकर दूरी बनाए रखनी चाहिए.
CNG किट और सिलेंडर की रेगुलर जांच करवाएं. एक सर्टिफाइड CNG वर्कशॉप को सिलेंडर की इंटीग्रिटी, वाल्व की कंडीशन और पाइपिंग को बताए गए इंटरवल पर चेक करना चाहिए. घिसाव, जंग या लीकेज के किसी भी निशान को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए, नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
CNG सिस्टम के साथ कभी भी छेड़छाड़ न करें या बिना इजाजत वाली फिटिंग का इस्तेमाल न करें. सिर्फ अप्रूव्ड कंपोनेंट और ट्रेंड टेक्नीशियन ही CNG इंस्टॉलेशन का काम करें. सस्ते, बिना सर्टिफाइड पार्ट्स सेफ्टी से समझौता कर सकते हैं और ज्यादा प्रेशर न झेल पाने पर सिलेंडर फट सकता है. कुल मिलाकर बात इतनी सी है कि अगर सिलेंडर में कुछ भी गड़बड़ी हो तो अप्रूव्ड सेंटर्स से ही काम करवाएं.
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