पायलटों की बल्ले-बल्ले! Air India ने पे-स्ट्रक्चर किया रिवाइज, 17% तक बढ़ गई सैलरी
Air India ग्रुप ने अपने और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों की सैलरी में 8 फीसदी से 17 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है. सैलरी हाइक के अलावा कॉमन सीनियरिटी पूल, नई बेस ट्रांसफर पॉलिसी और बोइंग 737 फ्लीट अलाउंस को भी लागू किया है.

Air India ने एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों की सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है. 17 फीसदी तक सैलरी हाइक के साथ-साथ कई पॉलिसी में बदलाव किए गए हैं, जिनका मकसद पायलटों को बनाए रखना, करियर में तरक्की और फ्लीट बढ़ाने में मदद करना है. अलग-अलग पायलट कैटेगरी में 8 फीसदी से 17 फीसदी तक की सैलरी बढ़ेगी.
कमांडरों की सैलरी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी होगी, जिसमें सैलरी 15 फीसदी से 17 फीसदी तक बढ़ेगी. सूत्रों ने कहा कि सीनियर कमांडरों की सैलरी में 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी, जबकि सीनियर फर्स्ट ऑफिसर और फर्स्ट ऑफिसर की सैलरी में 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी. यह बदला हुआ सैलरी पैकेज ऐसे समय में आया है जब टाटा ग्रुप की यह एयरलाइन भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट में कॉकपिट क्रू के लिए जोरदार मुकाबला करते हुए अपने फ्लीट और ऑपरेशन को बढ़ा रही है.
कॉमन सीनियरिटी पूल भी हुआ लागू
सूत्रों ने एनडीटीवी प्रॉफिट को जानकारी दी है कि सैलरी में बदलाव के अलावा, एयर इंडिया ग्रुप ने एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस दोनों के पायलटों के लिए एक कॉमन सीनियरिटी पूल शुरू किया है. इस कदम से ग्रुप के फुल सर्विस और लो कॉस्ट एयरलाइन ऑपरेशन्स में करियर प्रोग्रेस का एक ज्यादा यूनिफाइड फ्रेमवर्क मिलने की उम्मीद है. कॉमन सीनियरिटी पूल से पायलट डिप्लॉयमेंट में फ्लेक्सिबिलिटी बेहतर होने की संभावना है, साथ ही मर्ज किए गए एयरलाइन इकोसिस्टम में लंबे समय के करियर के मौके भी साफ होंगे.
अपने बढ़ते नैरो-बॉडी ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने के लिए, एयर इंडिया ने एक डेडिकेटेड बोइंग 737 फ्लीट अलाउंस भी शुरू किया है. सूत्रों के मुताबिक, यह एडिशनल अलाउंस ज्यादा पायलटों को बोइंग 737 फ्लीट में ट्रांजिशन करने के लिए बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है, जो एयर इंडिया एक्सप्रेस के ऑपरेशन्स और ग्रुप के डोमेस्टिक और शॉर्ट-हॉल इंटरनेशनल नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है.
एयरलाइन पायलटों के लिए बेहतर रिलोकेशन बेनिफिट्स के साथ एक नई बेस ट्रांसफर पॉलिसी भी लागू की जा रही है. रिवाइज्ड पॉलिसी से ऑपरेशनल बेस के बीच ट्रांसफर चाहने वाले क्रू मेंबर्स को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलने की उम्मीद है, साथ ही रिलोकेशन से जुड़े फाइनेंशियल बोझ को कम करने में भी मदद मिलेगी.
एयर इंडिया कर रही इन्वेस्टमेंट
ये नए कदम तब उठाए गए हैं जब एयर इंडिया टाटा ग्रुप में वापसी के बाद अपनी ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी को तेज कर रही है. एयरलाइन घरेलू और इंटरनेशनल दोनों मार्केट में अपनी जगह मजबूत करने के लिए फ्लीट को मॉडर्न बनाने, नेटवर्क बढ़ाने, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और वर्कफ़ोर्स को जोड़ने में भारी इन्वेस्ट कर रही है.
तेजी से फ्लीट बढ़ाने और हवाई यात्रा की बढ़ती डिमांड के बीच, दुनिया भर की एयरलाइनों के लिए पायलट की उपलब्धता एक मुख्य फ़ोकस एरिया बन गई है. एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस में सैलरी में बदलाव कर, फ्लीट के लिए खास इंसेंटिव शुरू कर और सीनियरिटी को एक जैसा बनाकर, एयरलाइन का मकसद कर्मचारियों को बनाए रखना बढ़ाना है.
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