बंगाल-तमिलनाडु-केरलम-असम में कहां सबसे ज्यादा पैसा, किसकी सत्ता में दम, कौन कर्ज मे डूबा

Assembly Election Results 2026: चुनावों की असली कहानी सिर्फ सत्ता बदलने तक सीमित नहीं है. राज्यों की आर्थिक स्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही तय करती है कि जनता के जीवन में कितना सुधार आएगा. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी जैसे राज्य न केवल राजनीतिक रूप से अहम हैं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी इनकी अपनी भूमिका है.

Assembly Election Results 2026 Image Credit: Canva/Money9 live

Assembly Election Results 2026: भारत के पांच अहम राज्यों में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आज घोषित हो रहे हैं. राजनीतिक हलचल अपने चरम पर है, लेकिन इन चुनावों की असली कहानी सिर्फ सत्ता बदलने तक सीमित नहीं है. इन राज्यों की आर्थिक स्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही तय करती है कि जनता के जीवन में कितना सुधार आएगा. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी जैसे राज्य न केवल राजनीतिक रूप से अहम हैं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी इनकी अपनी भूमिका है.

ऐसे में जब जनता अपना फैसला सुना रही है, तब यह समझना जरूरी है कि इन राज्यों की आर्थिक सेहत कैसी है. कौन सा राज्य आगे है, कौन पीछे छूट रहा है, और किन चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे में आइए इन पांचों राज्यों के इकोनॉमिक स्टैट्स पर नजर डालते हैं और समझते हैं कि GSDP, ग्रोथ रेट, प्रति व्यक्ति आय, उद्योग और कर्ज के मामले में इनकी स्थिति क्या है.

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल कभी देश की औद्योगिक राजधानी माना जाता था, लेकिन आज इसकी आर्थिक स्थिति कमजोर नजर आती है. राज्य का GDP योगदान 1960 के दशक में 6.8 प्रतिशत था, जो अब घटकर करीब 5.6 प्रतिशत रह गया है. राज्य की सबसे बड़ी समस्या उद्योगों का पलायन है. पिछले कुछ सालों में हजारों कंपनियां बंगाल छोड़ चुकी हैं. जमीन अधिग्रहण की सख्त नीति और राजनीतिक दखल इसकी बड़ी वजह मानी जाती है. कर्ज भी बड़ी चिंता है. राज्य पर करीब 7.71 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है.

पैरामीटरडेटा
GSDP~₹20 लाख करोड़
ग्रोथ रेटराष्ट्रीय औसत से धीमी
प्रति व्यक्ति आय₹1,71,184
मुख्य उद्योगमैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड, छोटे उद्योग
GDP में हिस्सेदारी~5.6%
कर्ज₹7.71 लाख करोड़
सोर्स: Money9live.com

असम

असम की GSDP ग्रोथ रेट करीब 8 से 9 प्रतिशत के आसपास रही है. 2022-23 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 4.38 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. असम की प्रति व्यक्ति आय करीब 1.12 लाख रुपये है, जो अभी राष्ट्रीय औसत से कम है. यहां कृषि सबसे बड़ा सेक्टर है. राज्य का GSDP में योगदान करीब 1.6 प्रतिशत है. कर्ज भी बढ़ रहा है और 2022-23 में यह 1.21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.

पैरामीटरडेटा
GSDP₹4.38 लाख करोड़
ग्रोथ रेट~8%–9%
प्रति व्यक्ति आय₹1,12,328
मुख्य उद्योगकृषि, चाय, ऑयल, गैस
GDP में हिस्सेदारी~1.6%
कर्ज₹1.21 लाख करोड़
सोर्स: des.assam.gov.in

तमिलनाडु

तमिलनाडु देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. राज्य का GDP में योगदान करीब 8.8 प्रतिशत है. यहां सर्विस सेक्टर सबसे बड़ा है, जो करीब 53 प्रतिशत योगदान देता है. इसके बाद उद्योग और कृषि आते हैं. तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था लगातार 6 प्रतिशत की औसत दर से बढ़ रही है. अगर यही रफ्तार बनी रही तो राज्य 2031 तक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बन सकता है. हालांकि कर्ज भी एक चिंता है. राज्य का डेब्ट टू GSDP रेशियो करीब 31.4 प्रतिशत है.

पैरामीटरडेटा
GSDPRs. 207,128,616 (Lakh)
(FY 2021-22)
ग्रोथ रेट~6%
प्रति व्यक्ति आयRs.3.62 lakh
मुख्य उद्योगऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, IT, सर्विस
GDP में हिस्सेदारी~8.8%
कर्ज~31.4% (Debt/GSDP)
सोर्स: niti.gov.in, State Planning Commission

केरलम

केरलम की अर्थव्यवस्था सेवा क्षेत्र पर आधारित है. राज्य की GSDP करीब 93,246,996 लाख रुपये है. प्रति व्यक्ति आय करीब 2.59 लाख रुपये है. केरल की ग्रोथ रेट भी मजबूत रही है. 2021-22 में राज्य की ग्रोथ करीब 11 से 12 प्रतिशत रही. यहां सर्विस सेक्टर का योगदान सबसे ज्यादा है, जो 60 प्रतिशत से अधिक है. केरल की खास बात यह है कि यहां गरीबी दर सबसे कम है और सामाजिक विकास के मामले में यह राज्य आगे है. हालांकि वित्तीय दबाव और कर्ज की समस्या यहां भी मौजूद है.

पैरामीटरडेटा
GSDPRs. 93,246,996 (Lakh)
(FY 2021-22)
ग्रोथ रेट~11%–12%
प्रति व्यक्ति आय₹2.59 लाख
मुख्य उद्योगसर्विस, टूरिज्म, रेमिटेंस
कर्जRs 3,10,015.86 crore
सोर्स: ET, Niti aayog, kerala.gov.in

पुडुचेरी

पुडुचेरी का आर्थिक आकार छोटा जरूर है, लेकिन विकास स्थिर है. राज्य की GSDP 2022-23 में 44,700 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में करीब 47,902 करोड़ रुपये हो गई है. यह करीब 7 प्रतिशत की ग्रोथ को दिखाता है. राज्य की आय में भी तेजी आई है. पिछले कुछ सालों में रेवेन्यू रिसीट्स में 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. यहां टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू दोनों बढ़े हैं. हालांकि छोटे आकार के कारण इसका राष्ट्रीय GDP में योगदान सीमित है.

पैरामीटरडेटा
GSDP₹47,902 करोड़
ग्रोथ रेट~7.16%
प्रति व्यक्ति आय5.33% in 2024-25
मुख्य उद्योगटूरिज्म, छोटे उद्योग, सर्विस
कर्ज₹957 करोड़
सोर्स: thehindu.com

क्या कहती है पांचों राज्यों की आर्थिक तस्वीर

अगर इन पांचों राज्यों को एक साथ देखें तो साफ होता है कि हर राज्य की अपनी अलग आर्थिक कहानी है. तमिलनाडु और केरलम जहां मजबूत और संतुलित अर्थव्यवस्था के साथ आगे हैं, वहीं असम तेजी से उभर रहा है. पश्चिम बंगाल अभी भी अपनी पुरानी औद्योगिक पहचान को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहा है. पुडुचेरी छोटा होते हुए भी स्थिर ग्रोथ दिखा रहा है. चुनाव नतीजे चाहे जो भी हों, इन राज्यों की असली चुनौती आर्थिक सुधार और रोजगार पैदा करना ही रहेगा.

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