चीनी की खरीद पर BigBasket, Blinkit और Swiggy Instamart लगा रहे पाबंदी, स्टॉक की कमी से हाल बेहाल
BigBasket, Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने ग्राहकों के लिए चीनी की खरीद पर पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं. कीमतों में इस उछाल की वजह शुरुआती अनुमानों से कम चीनी का उत्पादन, 8,00,000 टन चीनी का निर्यात और कुछ बिचौलियों द्वारा कथित तौर पर जमाखोरी को बताया जा रहा है.

देश में चीनी की कीमतों में जोरदार तेजी आई है. मंगलवार को खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें लगभग 1 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर करीब 64 रुपये तक पहुंच गईं. इस बीच त्योहारों के मुख्य सीजन से पहले सप्लाई में कमी के कारण, D-Mart जैसे रिटेलर्स और BigBasket, Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने ग्राहकों के लिए चीनी की खरीद पर पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं. इस कमी की वजह से पिछले दो महीनों में रिटेल कीमतों में 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
सीमित कर दी गई खरीद
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ रिटेलर्स ने खरीद को 3 से 5 किलोग्राम तक सीमित कर दिया है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पैक्ड फूड बनाने वाली कंपनियों को न सिर्फ चीनी, बल्कि खाने के तेल की वजह से भी अधिक लागत का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके मुनाफे पर दबाव बढ़ रहा है. जबकि आम तौर पर इस समय मांग तेजी से बढ़ती है.
अन्य प्रोडक्ट्स के बढ़ सकते हैं दाम
मैन्युफैक्चरर्स कीमतें कम से कम 5% से 6% तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं और कुछ को उम्मीद है कि अगर चीनी की कीमतें हाई स्तर पर बनी रहीं तो और भी बढ़ोतरी हो सकती है.
चीनी की कीमतों में उछाल क्यों?
कीमतों में इस उछाल की वजह शुरुआती अनुमानों से कम चीनी का उत्पादन, 8,00,000 टन चीनी का निर्यात और कुछ बिचौलियों द्वारा कथित तौर पर जमाखोरी को बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) जैसे विभिन्न इंडस्ट्री ग्रुप्स के गलत उत्पादन अनुमानों ने इस स्थिति को और खराब कर दिया है.
ISMA ने शुरू में अनुमान लगाया था कि 2025-26 मार्केटिंग ईयर में देश का कुल चीनी उत्पादन 345 लाख टन होगा, लेकिन बाद में खराब मौसम और कीड़ों की वजह से गन्ने की फसल पर असर पड़ने के कारण इस अनुमान को घटा दिया गया.
10 लाख टन चीनी का इंपोर्ट
केंद्र सरकार ने हाल ही में 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के इंपोर्ट की इजाजत दी है. सरकार ने डीलरों और बेवरेज बनाने वाली कंपनियों जैसे बड़े कंज्यूमर्स पर स्टॉक रखने की सीमा भी तय कर दी है. कुछ महीने पहले ही एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी गई थी.
चीनी की औसत कीमत
उपभोक्ता मामलों के विभाग (मूल्य निगरानी प्रभाग) के आंकड़ों के अनुसार, 25 अगस्त को चीनी का अखिल भारतीय औसत भाव 63.97 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो एक महीने पहले के 48.81 रुपये प्रति किलोग्राम से 31 फीसदी अधिक है. आंकड़ों से पता चला है कि सोमवार को अधिकतम बिक्री मूल्य 76 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि सबसे आम भाव (मोडल रेट) 65 रुपये प्रति किलोग्राम था.