Bira 91 पर मंडराया दिवालिया होने का खतरा! ₹11.77 करोड़ के बकाये ने बढ़ाई मुश्किल
Bira 91 की पैरेंट कंपनी B9 Beverages पर ₹11.77 करोड़ के बकाये को लेकर संकट बढ़ गया है. HNGIL ने भुगतान की मांग करते हुए नोटिस भेजा है. रकम नहीं चुकाने पर मामला NCLT में इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया तक पहुंच सकता है.

लोकप्रिय बीयर ब्रांड Bira 91 चलाने वाली कंपनी B9 Beverages की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ग्लास बोतल बनाने वाली कंपनी Hindusthan National Glass and Industries Ltd (HNGIL) ने B9 Beverages को डिफॉल्ट नोटिस भेजा है. कंपनी ने करीब ₹11.77 करोड़ के बकाये की मांग की है. भुगतान नहीं होने पर मामला दिवालिया समाधान प्रक्रिया के लिए NCLT तक पहुंच सकता है.
बोतलों का भुगतान नहीं करने का आरोप
HNGIL के मुताबिक, B9 Beverages ने अपनी बीयर के लिए खास तरह की ग्लास बोतलें तैयार करने के ऑर्डर दिए थे. कंपनी का दावा है कि करीब 51.42 लाख बोतलें तैयार होने के बाद भी Bira 91 ने इन्हें उठाया नहीं और भुगतान भी नहीं किया.
HNGIL ने इन बोतलों से जुड़े बकाये के रूप में ₹11.77 करोड़ की वसूली की मांग की है. कंपनी ने इस मामले में पहले भी कानूनी नोटिस भेजा था.
NCLT में जा सकता है मामला
HNGIL ने यह नोटिस इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा 8 के तहत भेजा है. यह किसी कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस यानी CIRP शुरू कराने से पहले की जरूरी प्रक्रिया होती है.
नोटिस मिलने के बाद B9 Beverages के पास बकाया रकम चुकाने या किसी पुराने विवाद को रिकॉर्ड पर रखने के लिए 10 दिन का समय है. अगर ऐसा नहीं होता है, तो HNGIL NCLT में इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवेदन कर सकती है.
पहले से वित्तीय संकट में है Bira 91
Bira 91 की पैरेंट कंपनी पहले से ही वित्तीय मुश्किलों से गुजर रही है. पिछले महीने कंपनी के संस्थापक अंकुर जैन ने बोर्ड और सभी कार्यकारी पदों से इस्तीफा दे दिया था. उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने भी कंपनी से दूरी बना ली थी.
यह घटनाक्रम कंपनी और उसके निवेशकों के बीच लंबे समय से चल रहे वित्तीय संकट के बाद सामने आया था. कंपनी का उत्पादन भी कुछ समय से प्रभावित रहा है.
कंपनी के लिए बढ़ी मुश्किलें
HNGIL की ओर से भेजा गया नोटिस Bira 91 के लिए ऐसे समय आया है, जब कंपनी पहले से ही वित्तीय दबाव का सामना कर रही है. अगर बकाये का समाधान नहीं होता है, तो NCLT की कार्यवाही कंपनी की मुश्किलों को और बढ़ा सकती है.
फिलहाल HNGIL ने कहा है कि वह समाधान के लिए तैयार है, लेकिन मामला कानूनी विचाराधीन होने के कारण इस पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.