BRICS सम्मेलन से पहले दिल्ली के लग्जरी होटलों में कमरे हुए महंगे, बुकिंग के लिए मची मारामारी
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली के लग्जरी होटलों में कमरों की मांग बढ़ गई है. कई बड़े होटल हाउसफुल हैं, जबकि उपलब्ध कमरों का किराया लाखों रुपये तक पहुंच गया है. सितंबर में होटल रूम रेट 25 फीसदी से ज्यादा बढ़े हैं.
Highlights
- BRICS सम्मेलन से पहले दिल्ली में होटल कमरे महंगे
- कई लग्जरी होटलों में कमरों की उपलब्धता हुई कम
- होटल रूम रेट सालाना 25 फीसदी से ज्यादा बढ़े
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली के लग्जरी होटल बाजार में कमरों की मांग तेजी से बढ़ गई है. 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन के चलते राजधानी के कई बड़े होटलों में कमरे मिलना मुश्किल हो गया है. जहां कमरे उपलब्ध हैं, वहां किराया सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा बताया जा रहा है.
कई बड़े होटलों में कमरे उपलब्ध नहीं
11 से 13 सितंबर के बीच होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म पर की गई जांच में नई दिल्ली के ताज महल और ताज पैलेस में कमरे उपलब्ध नहीं दिखे. वहीं, द ओबेरॉय नई दिल्ली में भी इन तारीखों के दौरान कुछ हिस्सों के लिए पूरी तरह बुकिंग हो चुकी थी.
द लीला पैलेस नई दिल्ली ने भी इन तारीखों के लिए बुकिंग स्वीकार नहीं की. दूसरी तरफ आईटीसी मौर्य और शांगरी-ला इरोज नई दिल्ली जैसे होटलों में कुछ कमरे उपलब्ध थे, लेकिन उनके लिए काफी ज्यादा किराया मांगा जा रहा था.
लाखों रुपये तक पहुंचा कमरों का किराया
BRICS सम्मेलन के आसपास दिल्ली में होटल कमरों की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. कुछ लग्जरी होटलों में एक रात के कमरे का किराया छह अंकों यानी लाखों रुपये तक पहुंच गया है.
इसका असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है, जिनकी दिल्ली यात्रा पहले से तय है. पर्यटकों, कारोबारी यात्रियों और परिवारों को सम्मेलन के दौरान ठहरने के लिए सामान्य से काफी ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है.
सम्मेलन से पहले ही बढ़ी होटल बुकिंग
सम्मेलन सिर्फ दो दिन का है, लेकिन इसका असर कई दिनों की होटल बुकिंग पर पड़ रहा है. सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधि और दूसरे मेहमान कुछ दिन पहले दिल्ली पहुंच रहे हैं और कार्यक्रम के बाद भी रुक सकते हैं. इससे खासतौर पर मध्य दिल्ली के होटलों में कमरों की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है.
होटल इंडस्ट्री को मिल रहा फायदा
BRICS सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब भारतीय होटल उद्योग घरेलू यात्रा और बड़े आयोजनों से मिलने वाली मांग पर काफी निर्भर है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष जैसे भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू स्तर पर होटल कारोबार को मजबूती मिल रही है.
रैडिसन होटल ग्रुप के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक और COO निखिल शर्मा ने कहा कि सितंबर में होटल कारोबार की रफ्तार मजबूत है. उनके मुताबिक, पूरे पोर्टफोलियो में औसत कमरे की दरें सालाना आधार पर 25 फीसदी से ज्यादा बढ़ रही हैं. दिल्ली में होने वाला BRICS सम्मेलन भी इस बढ़ी हुई मांग की एक बड़ी वजह है.
आखिरी समय की बुकिंग से और बढ़ सकती है मांग
निखिल शर्मा के मुताबिक, सम्मेलन की तारीख नजदीक आने के साथ होटल कमरों की मांग और मजबूत रह सकती है. इसकी वजह यह है कि कई यात्री आखिरी समय में होटल बुक कर सकते हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली के लग्जरी होटलों में कमरे मिलना और महंगा हो सकता है.
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