आर्थिक भगोड़ों पर भारत का बड़ा दांव, BRICS में लाएगा नया फ्रेमवर्क; Nirav Modi जैसे लोगों पर कसेगा शिकंजा

भारत BRICS Summit में आर्थिक भगोड़ों पर कार्रवाई तेज करने के लिए नया स्ट्रक्चर पेश करेगा. इसके तहत सदस्य देशों के बीच वित्तीय और जांच से जुड़ी जानकारी तय समय में शेयर करने की व्यवस्था होगी. साथ ही संपत्ति बरामद करने, टेक्निकल सपोर्ट और जांच एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर रहेगा.

BRICS Summit में भारत आर्थिक भगोड़ों पर कार्रवाई तेज करने का प्रस्ताव रखेगा. Image Credit: social media

भारत BRICS देशों के बीच आर्थिक अपराधियों पर कार्रवाई तेज करने के लिए नया प्रस्ताव रखने की तैयारी कर रहा है. नई दिल्ली में होने वाले BRICS Summit में भारत वित्तीय और जांच से जुड़ी जानकारी तेजी से शेयर करने का स्ट्रक्चर पेश करेगा. इसका मकसद आर्थिक अपराध के मामलों में वांछित भगोड़ों को ट्रैक करना और उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज करना है. प्रस्ताव में जानकारी शेयर करने के लिए तय डेडलाइन और एक समान फॉर्मेट की व्यवस्था शामिल होगी. साथ ही संपत्ति बरामद करने और जांच एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा.

आर्थिक भगोड़ों पर कार्रवाई के लिए बनेगा नया सिस्टम

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत BRICS देशों के बीच आर्थिक अपराध से जुडे़ भगोड़ों की तलाश के लिए मजबूत सहयोग व्यवस्था (Cooperation mechanism) का प्रस्ताव रखेगा. इसके तहत जांच एजेंसियां शुरुआती स्तर पर ही वित्तीय और जांच से जुड़ी जानकारी साझा कर सकेंगी. जानकारी साझा करने के लिए तय समय सीमा और एक समान फॉर्मेट तैयार किया जाएगा. इससे अलग अलग देशों में चल रही जांच के बीच तालमेल बेहतर हो सकेगा. प्रस्ताव में संपत्ति बरामद करने के लिए भी एक शेयर स्ट्रक्चर बनाने की बात है. इससे आर्थिक अपराधियों की अवैध संपत्ति का पता लगाने और उसे फ्रीज करने में मदद मिल सकती है.

प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर

भारत का मुख्य उद्देश्य आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण की लंबी प्रक्रिया को कम करना है. मौजूदा व्यवस्था में किसी भगोडे को ट्रैक करने से लेकर उसके प्रत्यर्पण तक काफी समय लग जाता है. आर्थिक अपराध के मामले कई देशों से जुडे़ होने के कारण जांच और कानूनी प्रक्रिया और मुश्किल हो जाती है. नए प्रस्ताव के तहत जांच एजेंसियों के बीच सीधे और भरोसेमंद कॉन्ट्रैक्ट चैनल बनाए जाएंगे. इससे शुरुआती जांच में जरूरी जानकारी तेजी से हासिल की जा सकेगी. हालांकि यह व्यवस्था औपचारिक कानूनी सहायता और प्रत्यर्पण प्रक्रिया का विकल्प नहीं होगी बल्कि उसे मजबूत करेगी.

इन मामलों पर जैसे मामलों पर नजर

भारत पिछले कई साल से आर्थिक अपराध के मामलों में वांछित भगोड़ों को वापस लाने की कोशिश कर रहा है. हीरा कारोबारी Nirav Modi और Mehul Choksi से जुड़ा करीब 13000 करोड़ रुपये का वित्तीय धोखाधड़ी मामला इसका प्रमुख उदाहरण है. दोनों के प्रत्यर्पण से जुड़ी कानूनी कार्यवाही क्रमशः UK और Belgium की अदालतों में चल रही है. भारत का मानना है कि ऐसे मामलों में कई देशों के बीच बेहतर तालमेल से कार्रवाई तेज की जा सकती है. BRICS के नए प्रस्ताव का उद्देश्य इसी तरह के मामलों में जांच और कानूनी सहयोग को मजबूत करना है.

BRICS देशों की एजेंसियों के बीच बढे़गा सहयोग

BRICS Summit से पहले सदस्य देशों की जांच और प्रवर्तन एजेंसियों की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है. बैठक में सदस्य देशों की एजेंसियों ने भ्रष्टाचार के मामलों में वांछित भगोड़ों को ट्रैक करने में सहयोग की बात कही. साथ ही प्रत्यर्पण प्रक्रिया में मदद करने पर भी पॉजिटिव रिस्पांस मिली है. प्रस्ताव के तहत जांच अधिकारियों को दूसरे देशों के अधिकारियों से शुरुआती चरण में सीधे संपर्क करने का अवसर मिलेगा. इससे वित्तीय अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में सूचनाओं का आदान प्रदान तेज हो सकता है. भारत अब इस ढांचे को BRICS बैठक में औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है.

Crypto अपराधों पर भी नजर

सीमा पार होने वाले आर्थिक अपराध अब पहले के मुकाबले ज्यादा जटिल हो गए हैं. अपराधी fintech platforms, virtual digital assets और कई देशों में फैली वित्तीय व्यवस्था का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसे मामलों में पैसे और संपत्ति का पता लगाना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बन जाता है. भारत का प्रस्ताव शुरुआती स्तर पर तेज सूचना साझा करने और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित है. इसके अलावा BRICS देशों की संस्थाओं के बीच स्थायी संपर्क व्यवस्था बनाने की बात भी है. इससे अवैध धन और आर्थिक अपराध से जुड़ी संपत्तियों को ट्रैक करने में मदद मिल सकती है.

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12 और 13 सितंबर को होगा BRICS Summit

भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS Summit की मेजबानी करेगा. यह आयोजन BRICS के औपचारिक गठन के 20 साल पूरे होने के मौके पर हो रहा है. भारत अपनी अध्यक्षता के दौरान आर्थिक अपराधों से जुडे़ सहयोग को तेज और व्यावहारिक बनाने पर जोर दे रहा है. इसी कड़ी में 7 से 11 सितंबर तक Gandhinagar में BRICS AML और CFT Capacity Building Training Programme भी आयोजित किया जा रहा है.