केंद्रीय कैबिनेट ने सार्थक PDS स्कीम को दी मंजूरी, 25000 करोड़ रुपये से आधुनिक बनेगा खाद्य वितरण नेटवर्क
इस योजना में उचित मूल्य की दुकानों के लिए वित्तीय सहायता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण और अनाज को एक राज्य के भीतर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए राज्य एजेंसियों को मदद देना शामिल है.

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को ‘सार्थक’ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) योजना को मंजूरी दे दी. इस योजना पर अगले पांच साल में कुल 25,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसका मकसद भारत के खाद्य वितरण नेटवर्क को आधुनिक बनाना है.
PDS का आधुनिकीकरण
इस योजना में उचित मूल्य की दुकानों के लिए वित्तीय सहायता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण और अनाज को एक राज्य के भीतर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए राज्य एजेंसियों को मदद देना शामिल है. उम्मीद है कि इस कदम से ‘लास्ट-माइल डिलीवरी’ (अंतिम छोर तक पहुंच) मजबूत होगी और खाद्य सब्सिडी प्रणाली की कार्यक्षमता में सुधार आएगा.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राज्यों में वर्क एफिशिएंसी में सुधार करना और खाद्यान्न वितरण को सुदृढ़ बनाना है.
PDS सिस्टम में होगा सुधार
सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को 25,000 करोड़ रुपये की ‘सार्थक’ सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना का मकसद भारत के खाद्य सुरक्षा नेटवर्क को आधुनिक बनाना है, जिससे अभी लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को मदद मिलती है.
वैष्णव ने कहा, ‘यह मौजूदा PDS की जगह लेने वाला नहीं है. यह PDS सिस्टम के ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और सामान संभालने के तरीके में एक सुधार है.’ उन्होंने आगे कहा कि बेहतर खाना बांटने के इंतजाम और अधिक असरदार सप्लाई चेन ऑपरेशन से राज्य सरकारों को फायदा होगा,’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में कार्यकुशलता, पारदर्शिता और नागरिकों की भागीदारी को बेहतर बनाने के लिए तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित करके तैयार किया गया है.
कम होगी लागत
केंद्र के अनुसार, इस ऑप्टिमाइजेशन प्रोग्राम से अनाज के ट्रांसपोर्टेशन के लिए तय की जाने वाली दूरी 15-50 फीसदी तक कम होने की उम्मीद है, जिससे ऑपरेशनल क्षमता में सुधार होगा और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी.