साउथ इंडिया में बुलेट ट्रेन का मेगा प्लान! सिर्फ 70 मिनट में हैदराबाद, चेन्नई-बेंगलुरु भी होंगे करीब
साउथ इंडिया में बुलेट ट्रेन का बड़ा प्लान सामने आया है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अमरावती, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे और मुंबई को जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का खाका पेश किया है. इस योजना के तहत अमरावती से हैदराबाद सिर्फ 70 मिनट में पहुंचा जा सकेगा. बुलेट ट्रेन परियोजना से यात्रा समय घटेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और दक्षिण भारत एक बड़े आर्थिक जोन के रूप में उभर सकता है.
Bullet Train: देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साउथ इंडिया के लिए बुलेट ट्रेन योजना का खाका पेश किया है. इस प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का मकसद दक्षिण भारत के बड़े शहरों को जोड़ना, यात्रा समय घटाना और पूरे क्षेत्र को एक बड़े आर्थिक ज़ोन में बदलना है. मंत्री ने कहा कि जिस तरह मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पश्चिम भारत में नई आर्थिक रफ्तार लाएगा, उसी तरह अब दक्षिण भारत में भी “हाई-स्पीड डायमंड” तैयार किया जाएगा. इससे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
किन शहरों को जोड़ेगा नेटवर्क
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन नेटवर्क में अमरावती, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं. अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो कई शहरों के बीच यात्रा समय बेहद कम हो जाएगा.
- अमरावती से हैदराबाद – सिर्फ 70 मिनट
- अमरावती से चेन्नई – 112 मिनट
- हैदराबाद से पुणे – 1 घंटा 55 मिनट
- पुणे से मुंबई – 48 मिनट
- चेन्नई से बेंगलुरु – 73 मिनट
- हैदराबाद से बेंगलुरु – करीब 2 घंटे 8 मिनट
क्या होगा सबसे बड़ा फायदा
हाई-स्पीड रेल सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक बदलाव का इंजन होती है. जब बड़े शहर तेजी से जुड़ते हैं, तो उद्योग, व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जैसे मुंबई, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद एक आर्थिक क्षेत्र बनेंगे, वैसे ही दक्षिण भारत में भी शहरों का साझा विकास मॉडल तैयार होगा.
आंध्र प्रदेश को मिला बड़ा तोहफा
रेल मंत्री ने यह भी घोषणा की कि लंबे समय से प्रतीक्षित साउथ कोस्ट रेलवे जोन को 1 जून 2026 को अधिसूचित किया जाएगा. यह आंध्र प्रदेश के लिए बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है. साथ ही, कोलकाता से चेन्नई तक मौजूदा डबल रेल लाइन को चार लाइन में अपग्रेड करने की योजना भी बताई गई. इससे लगभग 500 नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता खुल सकता है, जिसमें मालगाड़ी और यात्री ट्रेनें दोनों शामिल होंगी.
रेलवे बजट और इंफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मंत्री ने कहा कि पहले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का संयुक्त रेलवे बजट 886 करोड़ रुपये था, जबकि अब अकेले आंध्र प्रदेश को 10,134 करोड़ रुपये मिल रहे हैं. राज्य में फिलहाल 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है. इसके अलावा 74 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है.
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