नहीं थम रहा अनिल अंबानी का बुरा वक्त! खंडाला फार्महाउस और मुंबई फ्लैट भी हुआ अटैच, कुल कुर्की ₹19,000 करोड़ पार

ED ने अनिल अंबानी समूह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ₹3,034 करोड़ की संपत्तियां अटैच की हैं. इसमें RCOM और R-Infra से जुड़ी प्रॉपर्टी और शेयर शामिल हैं. अब तक कुल अटैचमेंट ₹19,344 करोड़ से ज्यादा हो चुका है, जबकि जांच बैंक फ्रॉड और फंड डायवर्जन को लेकर जारी है.

ED raids against Anil Ambani Image Credit: Canva/ Money9

अनिल अंबानी समूह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फिर से बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) की 3,034 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है. इस ताजा कार्रवाई के साथ ही अब तक समूह की कुर्क की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा 19,000 करोड़ रुपये के पार निकल गया है.

इन संपत्तियों पर चला ED का चाबुक

ED की इस कार्रवाई की जद में रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (R-Infra) से जुड़ी बेशकीमती संपत्तियां आई हैं. कुर्क की गई संपत्तियों में शामिल हैं:

  • मुंबई स्थित आलीशान फ्लैट और खंडाला का फार्महाउस.
  • अहमदाबाद के पास सानंद में मौजूद जमीन के बड़े हिस्से.
  • राइजई (RiseE) ट्रस्ट स्ट्रक्चर के तहत रखे गए रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के 7.71 करोड़ शेयर.

यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के सख्त प्रावधानों के तहत की गई है.

19,344 करोड़ रुपये तक पहुंची कुर्की

अनिल अंबानी समूह पर बैंकों के साथ धोखाधड़ी और फंड की हेराफेरी (Diversion of Funds) के गंभीर आरोप हैं. ED लंबे समय से इन कंपनियों के वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है. ताजा अटैचमेंट के बाद अब तक इस मामले में कुर्क की गई कुल संपत्ति की वैल्यू 19,344 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है.

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क्यों हो रही है जांच?

जांच एजेंसी का आरोप है कि समूह की कंपनियों ने बैंकों से लिए गए कर्ज का इस्तेमाल उन कामों के लिए नहीं किया जिनके लिए पैसा लिया गया था. इसके बजाय, फंड को अन्य जगहों पर डाइवर्ट किया गया, जो मनी लॉन्ड्रिंग की श्रेणी में आता है. फिलहाल ED इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Provisionally Attached) कर मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है.

निवेशकों और कॉर्पोरेट जगत की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कानूनी मोर्चे पर घिरे अनिल अंबानी इस बड़े संकट से कैसे बाहर निकलते हैं.