कोलकाता में ₹10000 से शुरू हुआ सफर… आज US की बड़ी कंपनी पर कब्जा, कैसे बना ये शख्स फार्मा किंग?
Dilip Shanghvi कोलकाता के एक छोटे फार्मा मार्केट से शुरुआत करने वाला यह शख्स आज ग्लोबल बिजनेस की बड़ी डील्स कर रहा है. उनकी कंपनी Sun Pharmaceutical Industries अब भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी बन चुकी है. हाल ही में कंपनी ने अमेरिका की Organon & Co. को करीब 12 अरब डॉलर में खरीदने का ऐलान कर दिया है.
Sun Pharmaceutical Industries: कोलकाता में इन दिनों राजनीतिक उठापटक तेज है. वजह है विधान सभा चुनाव. लेकिन इन सब के बीच एक और शख्स है जो शेयर मार्केट और फार्मा दुनिया में काफी चार्चा के केंद्र में है. उस शख्स का नाम है Dilip Shanghvi. कोलकाता के एक छोटे फार्मा मार्केट से शुरुआत करने वाला यह शख्स आज ग्लोबल बिजनेस की बड़ी डील्स कर रहा है. उनकी कंपनी Sun Pharmaceutical Industries अब भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी बन चुकी है.
हाल ही में कंपनी ने अमेरिका की Organon & Co. को करीब 12 अरब डॉलर में खरीदने का ऐलान कर दिया है. यह डील किसी भारतीय कंपनी की सबसे बड़ी विदेशी खरीद में से एक है. उनका फोकस सिर्फ विस्तार नहीं, बल्कि सही मौके पर सही बिजनेस को खरीदना रहा है. पहले भी Sun Pharma ने कई बड़े acquisition किए है. आइए उसके बारे में विस्तार से जानते है.
Organon & Co. से डील और रॉकेट हुआ शेयर
Sun Pharma के शेयरों में सोमवार को 7.13% की तेजी देखी गई. सन फार्मा की ग्रोथ का सबसे बड़ा राज इसकी acquisition रणनीति रही है. जहां कई कंपनियां खुद से बढ़ती हैं, वहीं शंघवी ने दूसरी कंपनियों को खरीदकर तेजी से विस्तार किया. वे अक्सर ऐसी कंपनियां खरीदते हैं जो कमजोर होती हैं लेकिन उनके पास अच्छे प्रोडक्ट या मार्केट होता है. इसके बाद उन्हें सुधारकर मजबूत बनाया जाता है.
Ranbaxy डील
साल 2014 में Ranbaxy Laboratories का अधिग्रहण कंपनी के लिए टर्निंग पॉइंट था. यह डील आसान नहीं थी क्योंकि कंपनी पहले से ही कई दिक्कतों में फंसी थी. लेकिन शंघवी ने इसे मौका माना. इस डील के बाद सन फार्मा भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी बन गई. हालांकि बाद में कंपनी को कई सुधार करने पड़े, लेकिन लंबी अवधि में यह सौदा फायदेमंद साबित हुआ.
Taro डील
Taro Pharmaceuticals के मामले में शंघवी ने जल्दबाजी नहीं की. उन्होंने धीरे-धीरे कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाई. यह डील दिखाती है कि वे सिर्फ बड़े फैसले नहीं लेते, बल्कि सही समय का इंतजार भी करते हैं. इससे उन्हें ज्यादा फायदा मिला और नुकसान का खतरा कम हुआ.
अन्य बड़ी डील्स से बढ़ी ताकत
सन फार्मा ने कई और कंपनियां भी खरीदीं जैसे
- Caraco Pharmaceutical Laboratories
- Dusa Pharmaceuticals
- URL Pharma
इन डील्स से कंपनी को अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में जगह मिली. साथ ही नए प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी भी मिली.
सिर्फ विस्तार नहीं, मुनाफे पर फोकस
शंघवी की रणनीति सिर्फ कंपनी को बड़ा बनाना नहीं है. वे मुनाफे और स्थिरता पर ज्यादा ध्यान देते हैं. कंपनी खास तौर पर डर्मेटोलॉजी, कैंसर और अन्य खास इलाज वाले क्षेत्रों पर फोकस करती है. इससे उसे ज्यादा कमाई और मजबूत पहचान मिलती है. शंघवी ने साल 1983 में सिर्फ 10,000 रुपये से कंपनी शुरू की थी. शुरुआत में उन्होंने मानसिक बीमारी की दवाओं पर ध्यान दिया. धीरे-धीरे उन्होंने बिजनेस को बढ़ाया और आज यह कंपनी पूरी दुनिया में काम कर रही है.
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