महंगी हुई आपकी थाली! टमाटर, तेल और LPG ने बढ़ाया रसोई का खर्च; शाकाहारी और मांसाहारी थाली हुई महंगी

जून 2026 में आम लोगों की रसोई का खर्च बढ़ गया है. Crisil की Roti Rice Report (RRR) के मुताबिक, शाकाहारी थाली की लागत सालाना आधार पर 5 फीसदी और मांसाहारी थाली की लागत 6 फीसदी बढ़ी है. टमाटर, प्याज, खाद्य तेल और LPG सिलेंडर की महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया, जबकि आलू की कीमतों में गिरावट से कुछ राहत मिली है.

शाकाहारी थाली का बिगड़ा बजट Image Credit: RUSS ROHDE/Connect Images/Getty Images

Crisil Roti Rice Report: जून 2026 में आम लोगों की रसोई का बजट एक बार फिर बढ़ गया है. Crisil की ताजा Roti Rice Report (RRR) के मुताबिक, घर पर बनने वाली शाकाहारी थाली की लागत सालाना आधार पर 5 फीसदी और मांसाहारी थाली की लागत 6 फीसदी बढ़ गई है. टमाटर, प्याज, खाद्य तेल और LPG सिलेंडर की बढ़ी कीमतों ने थाली को महंगा कर दिया, जबकि आलू के सस्ते होने से लागत में कुछ राहत जरूर मिली. रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और मौसम से जुड़ी चुनौतियों का असर सीधे रसोई के खर्च पर दिखाई दे रहा है.

टमाटर ने सबसे ज्यादा बढ़ाया खर्च

Crisil की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में टमाटर की कीमत सालाना आधार पर 31 फीसदी बढ़कर 42 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई, जबकि जून 2025 में इसकी कीमत 32 रुपये प्रति किलोग्राम थी. फरवरी और मार्च में अत्यधिक गर्मी के कारण गर्मियों की फसल की बुआई में देरी और उत्पादन कम रहने से टमाटर की कीमतों में तेज उछाल आया. वहीं, प्याज की कीमतों में भी 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. रबी सीजन का महंगा स्टॉक बाजार में आने से इसकी कीमतों पर दबाव बना रहा.

खाद्य तेल और LPG भी हुए महंगे

रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे खाद्य तेल और LPG सिलेंडर की कीमतों में सालाना आधार पर 10-10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इन दोनों की कीमतों में तेजी का सीधा असर घर में बनने वाली थाली की लागत पर पड़ा. हालांकि, ताजा रबी फसल की आवक बढ़ने से आलू की कीमतों में 14 फीसदी की गिरावट आई, जिससे थाली की कुल लागत में कुछ राहत मिली.

मांसाहारी थाली क्यों हुई ज्यादा महंगी

मांसाहारी थाली की लागत में 6 फीसदी की बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह ब्रॉयलर चिकन की कीमतों में आई तेजी रही. रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में ब्रॉयलर की कीमतों में सालाना आधार पर करीब 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. भीषण गर्मी के कारण पोल्ट्री फार्मों में पक्षियों की मृत्यु दर बढ़ी, उनका वजन सही स्तर तक नहीं पहुंच पाया और नए चूजों की संख्या भी कम रही. सप्लाई घटने के कारण चिकन महंगा हुआ, जिसका असर सीधे मांसाहारी थाली की लागत पर पड़ा. रिपोर्ट के अनुसार, मांसाहारी थाली की कुल लागत में लगभग 50 फीसदी हिस्सा केवल ब्रॉयलर की कीमत का होता है.

महीनेभर में भी बढ़ी थाली की कीमत

अगर मई की तुलना में जून की बात करें, तो शाकाहारी थाली की लागत 4 फीसदी और मांसाहारी थाली की लागत 3 फीसदी बढ़ी है. इस दौरान टमाटर की कीमतों में 17 फीसदी, आलू की कीमतों में 5 फीसदी और प्याज की कीमतों में 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं, ब्रॉयलर की कीमतों में भी करीब 2 फीसदी की मासिक बढ़ोतरी हुई, जिससे मांसाहारी थाली और महंगी हो गई.

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