GENIUS बिल और अमेरिका के खर्च प्लान पर टिका है क्रिप्टो मार्केट का फ्यूचर ट्रेड, जानें बाजार का क्या है माहौल

क्रिप्टो की दुनिया में हलचल है. निवेशकों की धड़कनें तेज हैं, और बाजार की चाल समझ से परे. अमेरिकी फेड के हालिया फैसले, एक नया क्रिप्टो बिल और सरकारी खर्च से जुड़ी चर्चाएं… इन सबने बाजार को बेचैन कर दिया है. लेकिन असली कहानी क्या है? जानिए इस रिपोर्ट में.

क्रिप्टो बाजार में रविवार को जोरदार तेजी देखने को मिली. Image Credit: Canva

क्रिप्टो बाजार सिर्फ खबरों पर नहीं, बल्कि उससे पहले पैदा हुई अफवाहों और निवेशकों की सामूहिक सोच पर भी बहुत तेजी से रिएक्ट करता है. हाल ही में अमेरिकी फेडरल रिजर्व, कांग्रेस में पास हुए GENIUS एक्ट और सरकार के “Big Beautiful Bill” जैसे फैसलों ने यह साफ कर दिया है कि आज क्रिप्टो ट्रेडिंग में उतार-चढ़ाव केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि उम्मीदों और व्यवहारिक रुझानों से भी तय हो रहा है.

फेड के फैसले पर बाजार की मिली-जुली प्रतिक्रिया

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने जब ब्याज दरों को 4.25%–4.50% पर स्थिर रखने का ऐलान किया, तो यह किसी के लिए हैरानी की बात नहीं थी. लेकिन क्रिप्टो इनवेस्टर्स को अंदर ही अंदर किसी संभावित रेट कट के संकेत की उम्मीद थी. फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने कोई साफ दिशा नहीं दी, सिर्फ इतना कहा कि अभी वे महंगाई के आंकड़ों का इंतजार करेंगे.

इस अनिश्चितता ने बाजार को डांवाडोल कर दिया. बिटकॉइन, जो पिछले हफ्ते 112,000 डॉलर तक पहुंचा था, 8 फीसदी गिरकर 104,000 डॉलर पर आ गया. ट्रेडिंगव्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, दिलचस्प यह रहा कि आमतौर पर अधिक संवेदनशील माने जाने वाले ऑल्टकॉइंस- जैसे सोलाना, एक्सआरपी और कार्डानो- इस बार उम्मीद के मुताबिक स्थिर रहे. ऑन-चेन डेटा प्रोवाइडर सैंटिमेंट के मुताबिक, निवेशकों का रवैया “अफवाह में बेचो, खबर में खरीदो” वाले ट्रेंड पर बना रहा.

GENIUS एक्ट से स्टेबल क्वॉइन को मिली स्पष्टता?

अमेरिकी सीनेट से पास हुआ GENIUS एक्ट अब स्टेबल क्वॉइन को लेकर क्लीयर विजन देने की कोशिश कर रहा है. यह बिल कहता है कि USDT और USDC जैसे टोकन को असली डॉलर से बैक किया जाना चाहिए और उन्हें अधिकृत वित्तीय रेगुलेटर्स की निगरानी में लाया जाएगा.

अगर यह कानून बनता है, तो सर्कल और कॉइनबेस जैसी कंपनियों को सख्त नियमों का पालन करना होगा. फिलहाल सोशल मीडिया पर इसके प्रति सकारात्मकता दिख रही है, लेकिन अगर हाउस में यह बिल अटकता है या देरी होती है, तो कीमतों में ठंडापन आ सकता है.

“Big Beautiful Bill” और बिटकॉइन में फिर लौटी चमक

सरकारी खर्चों को लेकर प्रस्तावित नया प्लान- “Big Beautiful Bill” ने बिटकॉइन को एक बार फिर महंगाई से बचाव के सुरक्षित साधन के तौर पर उभारा है. जब सरकार ज्यादा पैसा छापने की तैयारी में लगती है, तो निवेशक क्रिप्टो को सपोर्ट मानने लगते हैं.

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मोनैरो जैसे प्राइवेसी कॉइन्स, मेकरडीएओ जैसे डिफाई प्लेटफॉर्म और यहां तक कि राजनीति-थीम वाले मीम कॉइन्स में भी हलचल देखी जा रही है. अगर इस बिल में टैक्स को लेकर कोई क्रिप्टो-फ्रेंडली संशोधन आता है, तो यह अमेरिकी निवेशकों के लिए गेमचेंजर हो सकता है.

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