एथेनॉल खरीद पर सरकारी तेल कंपनियों ने खर्च किए 1.72 लाख करोड़ रुपये, सरकार ने संसद में दी जानकारी

सरकार ने राज्यसभा में बताया कि पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियों ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम के तहत अब तक 1.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक का एथेनॉल खरीदा है. 16 जुलाई 2026 तक 501 एथेनॉल प्रोडक्शन यूनिट रजिस्टर हो चुकी हैं. उत्तर प्रदेश एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल की बिक्री में सबसे आगे रहा.

अब तक 1.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक का एथेनॉल खरीदा गया है. Image Credit: FREE PIK

Ethanol Blended Petrol: देश में एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियों ने अब तक एथेनॉल खरीद पर 1.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं. इस कार्यक्रम के तहत घरेलू स्तर पर गन्ने और अनाज आधारित कच्चे माल से तैयार एथेनॉल की खरीद की जा रही है. इससे ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है. फिलहाल देशभर में 501 एथेनॉल उत्पादन इकाइयां इस योजना से जुड़ चुकी हैं. यह जानकारी सरकार ने राज्यसभा में दी.

गन्ने और अनाज से खरीदा जा रहा एथेनॉल

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियां डोमेस्टिक प्रोडक्शन से एथेनॉल खरीद रही हैं. इसमें गन्ने से बनने वाला मोलासिस, गन्ने का रस और चीनी सिरप शामिल हैं. इसके अलावा खराब खाद्यान्न, एफसीआई का अतिरिक्त चावल और मक्का जैसे अनाज से भी एथेनॉल तैयार किया जा रहा है. इ

501 प्रोडक्शन यूनिट हुई रजिस्टर

सरकार के अनुसार 16 जुलाई 2026 तक देश में 501 एथेनॉल प्रोडक्शन यूनिट का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है. ये सभी इकाइयां एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम के तहत डिनैचर्ड एनहाइड्रस एथेनॉल की सप्लाई कर रही हैं. सरकार का मानना है कि मजबूत सप्लाी नेटवर्क के कारण इस योजना को देशभर में तेजी से लागू किया जा रहा है.

सरकारी कंपनियां भी कर रही हैं उत्पादन

इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की सहयोगी कंपनी एचपीसीएल बायोफ्यूल्स भी एथेनॉल का उत्पादन कर रही हैं. इंडियन ऑयल की उत्पादन क्षमता 228 किलोलीटर प्रतिदिन है. भारत पेट्रोलियम की क्षमता 200 किलोलीटर प्रतिदिन है जबकि एचपीसीएल बायोफ्यूल्स की क्षमता 120 किलोलीटर प्रतिदिन है. इ

उत्तर प्रदेश सबसे आगे

एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल की बिक्री के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा. एथेनॉल सप्लाई 2024-25 के दौरान यहां 124.98 करोड लीटर एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल की बिक्री हुई. इसके बाद महाराष्ट्र में 110.66 करोड लीटर, तमिलनाडु में 92.18 करोड़ लीटर, कर्नाटक में 79.24 करोड लीटर और गुजरात में 56.29 करोड लीटर बिक्री दर्ज की गई.

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आयात घटाने और किसानों को फायदा

सरकार का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है. साथ ही गन्ना और अनाज उत्पादकों को नया बाजार मिलने से किसानों की आय बढ़ाने में भी सहयोग मिल रहा है. सरकार आने वाले समय में इस कार्यक्रम को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है.