सस्ता हुआ सोना, लेकिन महंगी हुई चांदी; जानें- कितना गिर गया गोल्ड का दाम

Gold Price Today: मंगलवार को सोने की कीमतें नीचे आ गईं और एक सीमित दायरे में ही रहीं, क्योंकि अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क बने रहे. उन्होंने कोई बड़ा दांव लगाने से परहेज किया और भू-राजनीतिक मोर्चे पर स्थिति और स्पष्ट होने का इंतजार करते रहे.

सोना-चांदी की कीमतें Image Credit: @Money9live

Gold Price Today: मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतें 2,800 रुपये गिरकर 10 ग्राम पर 1.62 लाख रुपये हो गईं, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव के चलते निवेशकों का रुझान अमेरिकी डॉलर की ओर बढ़ गया. ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाले गोल्ड की कीमत 2,800 रुपये घटकर 10 ग्राम पर 1,62,400 रुपये (सभी टैक्स मिलाकर) हो गई. सोमवार को सोने की कीमत 10 ग्राम पर 1,65,200 रुपये पर बंद हुई थी.

सोने की कीमतों में क्यों आई गिरावट?

HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, ‘मंगलवार को सोने की कीमतें नीचे आ गईं और एक सीमित दायरे में ही रहीं, क्योंकि अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क बने रहे.’ उन्होंने आगे कहा कि कूटनीतिक मोर्चे पर कोई खास सफलता न मिलने के कारण, बाजार के ज्यादातर खिलाड़ी किनारे ही रहे. उन्होंने कोई बड़ा दांव लगाने से परहेज किया और भू-राजनीतिक मोर्चे पर स्थिति और स्पष्ट होने का इंतजार करते रहे.

महंगी हुई चांदी

हालांकि, एसोसिएशन के अनुसार, चांदी की कीमत 2,000 रुपये बढ़कर 1 किलोग्राम पर 2,73,000 रुपये (सभी टैक्स मिलाकर) हो गई. पिछले सत्र में इसकी कीमत 1 किलोग्राम पर 2,71,000 रुपये पर बंद हुई थी.

गांधी ने कहा, ‘स्थिति में स्पष्टता की कमी के चलते कीमती धातुएं एक ही दायरे में अटकी हुई हैं. साथ ही, बाजार अपनी दिशा तय करने के लिए कच्चे तेल, अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड्स (सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले रिटर्न) की चाल पर भी बारीकी से नजर रखे हुए है.’

स्पॉट गोल्ड और सिल्वर

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) लगभग 1 फीसदी गिरकर 4,534.69 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 2 फीसदी से कुछ अधिक गिरकर 76.49 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.

अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत

विश्लेषकों ने बताया कि कतर में सात सप्ताह पुराने संघर्ष-विराम को बनाए रखने के उद्देश्य से चल रही बातचीत के बावजूद, दक्षिणी ईरान पर अमेरिका द्वारा नए सिरे से किए गए सैन्य हमलों की खबरों के बाद बाजार का रुख कमजोर पड़ गया. अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने कहा कि ये सैन्य अभियान रक्षात्मक प्रकृति के थे और इनसे संघर्ष-विराम की व्यवस्था समाप्त होने का कोई संकेत नहीं मिलता है.

इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है, जो ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस आया था. इस घटना ने पहले से ही नाजुक दौर से गुजर रही बातचीत में अनिश्चितता की एक और परत जोड़ दी है.

तेल की कीमतों में उछाल

इस नए सिरे से बढ़े तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चढ़ गईं, जिससे यह आशंका फिर से जोर पकड़ने लगी है कि ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतें वैश्विक स्तर पर महंगाई के दबाव को बनाए रख सकती हैं, और केंद्रीय बैंकों को लंबे समय तक अपनी सख्त मौद्रिक नीति जारी रखने के लिए मजबूर कर सकती हैं.

सौमिल गांधी ने कहा कि किसी संभावित समझौते की दिशा में कोई भी प्रगति ऊर्जा बाजार में तनाव को कम कर सकती है और महंगाई की चिंताओं को दूर कर सकती है, जिससे कीमती धातुओं के लिए अधिक अनुकूल माहौल बनेगा.

महंगाई का डर

उन्होंने आगे कहा, ‘इसके विपरीत, बातचीत में कोई भी रुकावट ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई के डर को फिर से जगा सकती है, जिससे सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें और मजबूत होंगी और सोने-चांदी की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा.’

LKP सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के VP रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने कहा कि निवेशक अब आने वाले US कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) महंगाई और GDP के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो नज़दीकी भविष्य में फेडरल रिज़र्व की उम्मीदों और बुलियन की चाल पर काफी असर डाल सकते हैं.

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