SpiceJet को 2 हफ्तों के भीतर देना होगा अपनी संपत्तियों का ब्योरा, दिल्ली हाई कोर्ट का सनबर्ड बकाए के मामले में आदेश
सनबर्ड फ्रांस 02 SAS, स्पाइसजेट से लगभग 8 मिलियन डॉलर के बकाया लीज किराये और मेंटेनेंस शुल्क की वसूली करना चाहती है. जस्टिस विकास महाजन ने मंगलवार को यह निर्देश दिया. यह विवाद लंदन की कमर्शियल कोर्ट द्वारा 13 मार्च को दिए गए एक फैसले से जुड़ा है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने आर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइन स्पाइसजेट को निर्देश दिया है कि वह इंजन लीज पर देने वाली कंपनी सनबर्ड फ्रांस 02 SAS के साथ चल रहे विवाद के मामले में, दो हफ्तों के भीतर अपनी संपत्तियों का ब्योरा देते हुए एक हलफनामा (Affidavit) दायर करे. सनबर्ड फ्रांस 02 SAS, स्पाइसजेट से लगभग 8 मिलियन डॉलर के बकाया लीज किराये और मेंटेनेंस शुल्क की वसूली करना चाहती है. जस्टिस विकास महाजन ने मंगलवार को यह निर्देश दिया.
यह निर्देश तब आया जब सनबर्ड ने स्पाइसजेट की संपत्तियों का ब्योरा मांगा, ताकि अगर एयरलाइन अपना बकाया चुकाने में नाकाम रहती है, तो वह सुरक्षात्मक आदेशों की मांग कर सके. अब इस मामले की सुनवाई अदालत की छुट्टियों के बाद होगी.
तत्काल सुरक्षा उपायों की मांग
एयरलाइन की आर्थिक स्थिति को देखते हुए, लीज पर देने वाली कंपनी (Lessor) ने संपत्तियों का ब्योरा देने जैसे तत्काल सुरक्षा उपायों की मांग की थी. सनबर्ड के वकील ने दलील दी कि स्पाइसजेट वित्तीय संकट से जूझ रही है. उन्होंने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के समक्ष एयरलाइन के खिलाफ लंबित 16 दिवालियापन याचिकाओं का हवाला देते हुए कहा कि यह एयरलाइन किसी भी समय दिवालियापन की प्रक्रिया में जा सकती है.
एडवांस कंपनसेशन
पट्टेदार की कानूनी टीम ने पहले यह तर्क दिया था कि लेनदारों का बकाया होने के बावजूद, SpiceJet ने चेयरमैन अजय सिंह को एडवांस कंपनसेशन दिया था. वकील ने अदालत के सामने कहा, ‘चेयरपर्सन अजय सिंह को सितंबर 2025 में पांच साल के वेतन के तौर पर 3.4 मिलियन डॉलर का अग्रिम भुगतान किया गया, जबकि उस समय कंपनी पर दुनिया भर के लोगों का बकाया था.’
सख्त निर्देशों का विरोध
SpiceJet ने तत्काल सख्त निर्देशों का विरोध करते हुए तर्क दिया कि एयरलाइन एक चालू कंपनी है, न कि कोई रातों-रात गायब हो जाने वाली कंपनी है. एयरलाइन का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील अमित सिबल ने कहा कि ऐसे निर्देशों से कामकाज में बाधा आ सकती है. उन्होंने आगे बताया कि SpiceJet रोजाना लगभग 135 फ्लाइट्स ऑपरेट है. लगभग 21,000 यात्रियों को ले जाती है और 6,400 लोगों को रोजगार देती है.
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद लंदन की कमर्शियल कोर्ट द्वारा 13 मार्च को दिए गए एक फैसले से जुड़ा है, जो 2019 में SpiceJet को लीज पर दिए गए तीन विमान इंजनों के संबंध में था. UK के फैसले के अनुसार, Sunbird ने आरोप लगाया कि एयरलाइन ने जनवरी 2022 से लीज का भुगतान करना बंद कर दिया था (मई 2024 में किए गए $7,088.19 के एक भुगतान को छोड़कर), और नवंबर 2020 से मेंटेनेंस के बकाया भुगतानों में भी चूक की थी.
वसूली के लिए खटखटाया अदालत का दरवाजा
कथित चूकों के बाद, Sunbird ने दिसंबर 2022 में दो इंजन और जुलाई 2023 में तीसरा इंजन वापस ले लिया और उसके बाद 7.96 मिलियन डॉलर की वसूली के लिए लंदन की अदालत का दरवाजा खटखटाया. UK की अदालत ने Sunbird के पक्ष में ‘समरी जजमेंट’ (संक्षिप्त फैसला) सुनाया, क्योंकि अदालत ने पाया कि SpiceJet को नोटिस भेजे जाने के बावजूद उसने इस कार्यवाही का विरोध नहीं किया था.
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