NTPC बोर्ड की बड़ी मंजूरी, NCD के जरिए 12,000 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी; जानें डिटेल
NTPC के बोर्ड ने घरेलू बाजार में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) जारी करके 12,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दे दी है. यह राशि एक या उससे अधिक किस्तों में जुटाई जाएगी.
NTPC के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स यानी NCD जारी करके 12,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है. कंपनी ने शुक्रवार शाम को शेयर बाजार को दी गई एक नियामक जानकारी में यह बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने बताया कि बोर्ड ने शुक्रवार 24 जुलाई 2026 को हुई अपनी बैठक में इस कैपिटल जुटाने की योजना को हरी झंडी दिखाई है.
NCD जारी करने की अवधि
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस राशि को जुटाने की अवधि विशेष प्रस्ताव पास होने की तारीख से शुरू होगी. यह अवधि प्रस्ताव पास होने के एक साल पूरा होने तक या वित्त वर्ष 2027-28 में होने वाली अगली वार्षिक आम बैठक की तारीख तक मान्य रहेगी. इन दोनों में से जो भी पहले होगा, उसी समय सीमा को अंतिम माना जाएगा. कंपनी इस तय समय के भीतर ही बाजार से अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग चरणों में फंड जुटाने का काम पूरा करेगी.
बॉन्ड से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारियां
NTPC ने बताया किया है कि प्रत्येक किस्त के समय ही इससे जुड़ी बाकी चीजों का फैसला होगा. इसमें NCD का साइज, उसकी अवधि, बीएसई और एनएसई में लिस्टिंग का डिस्ट्रिब्य़ूशन तय किया जाएगा. इसके अलावा कूपन या ब्याज दर और सुरक्षा से जुड़ी शर्तें भी उसी समय तय की जाएंगी. बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही कंपनी इन सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर अंतिम निर्णय लेगी.
कंपनी की क्षमता में शानदार बढ़ोतरी
एक अन्य नियामक फाइलिंग में NTPC ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के ऑपरेशन आंकड़े पेश किए हैं. कंपनी की कुल स्थापित क्षमता 30 जून 2026 तक बढ़कर 90,904 मेगावाट हो गई है. जबकि पिछले साल 30 जून 2025 तक यह क्षमता 82,646 मेगावाट दर्ज की गई थी. इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही NTPC समूह ने अपनी कुल क्षमता में 1796 मेगावाट का नया इजाफा किया है.
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बिजली प्रोडक्शन और प्लांट कैपेसिटी
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का कर्मशियल बिजली प्रोडक्शन बढ़कर 93.63 अरब यूनिट पहुंच गया है. पिछले साल इसी अवधि में यह प्रोडक्शन 91.06 अरब यूनिट दर्ज किया गया था. कोयला आधारित संयंत्रों का प्लांट लोड फैक्टर यानी पीएलएफ भी सुधरकर 76.71 फीसदी हो गया है.
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