Gold Rate Today: सोने की कीमत पर दबाव, चांदी 1 फीसदी टूटी; US Yield 18 साल के हाई पर

मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत स्थिर रही, जबकि चांदी 1 फीसदी से ज्यादा गिर गई. COMEX Gold फ्यूचर 4168 डॉलर प्रति औंस पर रहा और Silver फ्यूचर 61 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. घरेलू बाजार में दिसंबर Gold फ्यूचर 148600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा.

सोने चांदी के भाव Image Credit: Canva/ Money9

सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. सोमवार की तेज गिरावट के बाद मंगलवार को Gold फ्यूचर में कारोबार लगभग स्थिर रहा, जबकि Silver फ्यूचर में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से कीमती मेटल्स पर दबाव बढ़ा है. बाजार में यह उम्मीद भी बढ़ रही है कि US फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में फिर बढ़ोतरी कर सकता है. अमेरिका की 10 साल की रियल यील्ड करीब 18 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. ऐसे में सोने और चांदी की कीमतों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है.

सोना स्थिर और चांदी कमजोर

इंटरनेशनल मार्केट में मंगलवार को COMEX गोल्ड फ्यूचर करीब 4168 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा. वहीं सिल्वर फ्यूचर 1 फीसदी से ज्यादा गिरकर करीब 61 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. इससे पहले सोमवार को गोल्ड की कीमत 3 फीसदी से ज्यादा गिर गई थी, जबकि सिल्वर में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी. तेज गिरावट के बाद मंगलवार को सोने में कुछ स्थिरता देखने को मिली, लेकिन चांदी पर अभी भी दबाव बना हुआ है.

घरेलू बाजार में सोना स्थिर

भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सबसे ज्यादा कारोबार वाला दिसंबर गोल्ड फ्यूचर 148600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा. वहीं दिसंबर सिल्वर फ्यूचर 225500 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था और इसमें करीब 0.9 फीसदी की गिरावट रही. सोमवार की गिरावट के बाद घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है. बढ़ती US ट्रेजरी यील्ड और मजबूत डॉलर को मेटल्स में कमजोरी की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है. इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमत भी बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है.

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सोने पर बढ़ सकता है दबाव

अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों के कारण कुछ कंपनियों के लिए कर्ज को फिर से फाइनेंस करना महंगा हो रहा है. Triple C कंपनियों के बॉन्ड स्प्रेड में तेज बढ़ोतरी हुई है. वहीं High Yield US Corporate Bonds और US Treasury के बीच अंतर भी बढ़ा है. अगर यह दबाव और बढ़ता है तो निवेशकों को नकदी जुटाने की जरूरत पड़ सकती है. ऐसी स्थिति में सोने जैसे आसानी से बिकने वाले एसेट से भी पैसा निकाला जा सकता है. इससे कम समय में सोने की कीमत पर दबाव बढ़ सकता है.