Gold-Silver Price: सोने की कीमतों में उछाल, चांदी अभी भी 2 लाख रुपये के नीचे; जानें- स्पॉट गोल्ड का भाव

Gold-Silver Price: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे कमजोर होकर 95.28 पर बंद हुआ. डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपये पर दबाव पड़ा. बुधवार को विदेशी बाजारों में स्पॉट गोल्ड 4,040 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा.

सोना-चांदी की कीमत Image Credit: money9live

Gold-Silver Price: बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में सोने की कीमतों में 700 रुपये की तेजी आई और यह 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. रुपये में आई गिरावट के कारण ऐसा हुआ, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले वैश्विक स्तर पर सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ था.

सोने-चांदी की कीमत

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाले सोने की कीमत 700 रुपये बढ़कर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई. मंगलवार को यह 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं, चांदी की कीमत 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही.

कमजोर हुआ रुपया

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे कमजोर होकर 95.28 पर बंद हुआ. डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपये पर दबाव पड़ा. व्यापारियों ने बताया कि रुपये में गिरावट से सोने के आयात की लागत बढ़ गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी के बावजूद घरेलू कीमतों को समर्थन मिला.

ग्लोबल मार्केट में गोल्ड-सिल्वर

वैश्विक बाजारों में, स्पॉट गोल्ड 14.05 डॉलर (0.35 प्रतिशत) गिरकर 4,046.28 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 1.23 प्रतिशत गिरकर 53.75 डॉलर प्रति औंस पर रही.

क्यों आई कीमतों में तेजी?

मिराए एसेट शेरखान में कमोडिटीज के प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, ‘बुधवार को विदेशी बाजारों में स्पॉट गोल्ड 4,040 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा. सऊदी अरब की रास तानूरा तेल रिफाइनरी पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है.’

भारत में सोने की मांग सुस्त

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के दूसरे सबसे बड़े सोने के उपभोक्ता देश में इस साल मांग सुस्त रही है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मई में सरकार ने आयात शुल्क (Import Duty) को दोगुने से भी अधिक बढ़ाकर 15% कर दिया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीयों से बार-बार अपील की है कि वे सोने की खरीदारी कम करें, ताकि बढ़ते व्यापार घाटे (Trade Deficit) को नियंत्रित किया जा सके. भारत अपनी जरूरत का लगभग सारा सोना आयात करता है.

आयात शुल्क बढ़ने की वजह से, अब सोने की ज्यादातर खरीदारी अनौपचारिक नकद बाजारों (Under-the-Counter Cash Markets) में होने लगी है.

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