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फेड रिजर्व ने दबाया पॉज बटन! अमेरिकियों को मिडटर्म चुनाव से पहले मिली राहत, नहीं बढ़ेगी लोन की EMI

US फेडरल रिजर्व ने महंगाई के ट्रेंड का पता लगाने के लिए अपने बेंचमार्क इंटरेस्ट रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. पॉलिसी बनाने वाले यह देख रहे हैं कि आने वाले मिडटर्म चुनावों के बीच ज्यादा महंगाई भविष्य की मॉनेटरी पॉलिसी पर कैसे असर डाल सकती है?

फेड रिजर्व के चेयरमैन Image Credit: PTI

Highlights

  • फेड रिजर्व ने नहीं बढ़ाई ब्याज दर.
  • लोन की ईएमआई में नहीं हुई बढ़ोतरी.
  • दिसंबर में दरों में हो सकता है इजाफा.

यूएस के सेंट्रल बैंक फेड रिजर्व ने मिडटर्म चुनाव से पहले अमेरिकियों को बड़ी राहत दी है. सितंबर में ब्याज दर बढ़ाई गई थी लेकिन अब फेड रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. आसान भाषा में इसका मतलब ये हुआ कि अब अमेरिका में पॉलिसी रेट 3.75 फीसदी से 4 फीसदी की रेंज में होगा. इस फैसले से आम जनता को सबसे बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि इस फैसले से अब लोन की ईएमआई में बढ़ोतरी नहीं होगी.

दिसंबर में हो सकता है इजाफा

जानकारों का कहना है कि दिसंबर में फेड रिजर्व की मीटिंग में पॉलिसी रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

मार्केट कमेटी के दो मेंबर नहीं है सहमत

फेडरल रिजर्व की अक्टूबर 2026 मीटिंग में इंटरेस्ट रेट में बदलाव नहीं किया गया है और मार्केट को भी पहले से ही इसकी उम्मीद थी. फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के दो मेंबर इस फेसले से सहमत नहीं हैं. क्लीवलैंड फेड प्रेसिडेंट बेथ हैमैक और गवर्नर लिसा कुक ने रेट को 0.25 फीसदी बढ़ाने का समर्थन किया.

दिसंबर में रेट बढ़ने की 85 फीसदी संभावना

CME फेडवॉच टूल के मुताबिक, फेड फंड्स फ्यूचर्स ट्रेडिंग से इस बात का संकेत मिल रहा है कि दिसंबर में रेट बढ़ने की लगभग 85 फीसदी संभावना है.

चुनाव से पहले बड़ा फैसला

फेडरल रिजर्व का पॉलिसी को होल्ड पर रखने का फैसला 3 नवंबर को होने वाले यूएस मिडटर्म चुनाव से पहले आया है. ये चुनाव तय करेंगे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस पर कंट्रोल बनाए रखती है या डेमोक्रेट्स के हाथों एक या दोनों हाउस हार जाती है.

महंगाई टारगेट से 2 फीसदी ऊपर

रेट्स के पहले से ही बिना बदले रहने की उम्मीद के साथ, इन्वेस्टर्स अब यह देख रहे हैं कि फेडरल रिजर्व आने वाले महीनों में कितनी बार इंटरेस्ट रेट्स बढ़ा सकता है, क्योंकि महंगाई अपने 2 फीसदी टारगेट से काफी ऊपर बनी हुई है.

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