100 GW विंड एनर्जी मिशन से इन 5 कंपनियों की चमक सकती है किस्मत, 5 साल में 3300% तक रिटर्न; रखें नजर
भारत सरकार ने 2030 तक देश की विंड एनर्जी क्षमता को 100 गीगावाट तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार नीतिगत समर्थन, ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही है. इससे विंड टर्बाइन, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई कंपनियों के कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है.

Green Energy Stocks : भारत सरकार ने साल 2030 तक देश की विंड एनर्जी क्षमता को 100 गीगावाट (GW) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. फिलहाल देश में करीब 56 GW की क्षमता है, जिसे अगले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ाया जाएगा. सरकार की नई नीतियां, ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर जोर से इस सेक्टर में नई संभावनाएं बन रही हैं. ऐसे में विंड टर्बाइन बनाने, प्रोजेक्ट विकसित करने और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई कंपनियों को इसका फायदा मिल सकता है. इस रिपोर्ट में आप उन पांच कंपनियों के बारे में जानेंगे, जो इस बदलाव से लाभ उठा सकती हैं.
Suzlon Energy: बढ़ती मांग का सबसे बड़ा लाभार्थी
सुजलॉन एनर्जी देश की सबसे बड़ी विंड टर्बाइन निर्माता कंपनियों में शामिल है. कंपनी के पास मजबूत ऑर्डर बुक, बड़ा इंस्टॉल्ड बेस और विंड टर्बाइन बनाने का लंबा अनुभव है. यदि आने वाले वर्षों में नए विंड प्रोजेक्ट्स की रफ्तार बढ़ती है, तो कंपनी को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी. पुराने विंड फार्मों के अपग्रेडेशन (रीपावरिंग) से भी कंपनी को अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं.
स्टॉक का प्रदर्शन
5 साल में कंपनी के शेयर में 663 फीसदी से अधिक की तेजी आई है.
Inox Wind: टर्बाइन से लेकर रखरखाव तक पूरी सेवाएं
इनॉक्स विंड विंड टर्बाइन निर्माण के साथ-साथ इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन (EPC), ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) सेवाएं भी देती है. सरकार के हाइब्रिड एनर्जी प्रोजेक्ट्स और बड़े विंड पार्कों पर बढ़ते फोकस से कंपनी की टर्बाइनों की मांग बढ़ सकती है. इससे उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग और कारोबार में मजबूती देखने को मिल सकती है.
स्टॉक का प्रदर्शन
5 साल में कंपनी के शेयर में 238 फीसदी से अधिक की तेजी आई है.
JSW Energy: रिन्यूएबल पोर्टफोलियो के विस्तार का मौका
जेएसडब्ल्यू एनर्जी लगातार अपने रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार का विस्तार कर रही है. कंपनी विंड, सोलर और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर निवेश बढ़ा रही है. सरकार की राउंड-द-क्लॉक (RTC) बिजली और हाइब्रिड एनर्जी प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने वाली नीतियां कंपनी के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं. मजबूत वित्तीय स्थिति के कारण कंपनी बड़े सरकारी टेंडरों में भी सक्रिय भागीदारी कर सकती है.
स्टॉक का प्रदर्शन
5 साल में कंपनी के शेयर में 246 फीसदी से अधिक की तेजी आई है.
KPI Green Energy: हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स से बढ़ सकती है ग्रोथ
केपीआई ग्रीन एनर्जी ने शुरुआत सोलर प्रोजेक्ट्स से की थी, लेकिन अब कंपनी विंड और सोलर को मिलाकर हाइब्रिड एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर भी तेजी से काम कर रही है. ग्रीन ओपन एक्सेस नियमों के तहत उद्योगों में ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग कंपनी के लिए पॉजिटिव साबित हो सकती है. आने वाले समय में हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स का विस्तार इसके कारोबार को नई गति दे सकता है.
स्टॉक का प्रदर्शन
5 साल में कंपनी के शेयर में 2727 फीसदी से अधिक की तेजी आई है.
GE Vernova T&D India: ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ेगी जरूरत
विंड एनर्जी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क की भी जरूरत होगी. जीई वर्नोवा टीएंडडी इंडिया ट्रांसफॉर्मर, सबस्टेशन और ग्रिड उपकरण उपलब्ध कराती है, जो रिन्यूएबल एनर्जी को बिजली ग्रिड से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं. सरकार के ग्रिड मॉडर्नाइजेशन और ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स पर बढ़ते निवेश से कंपनी को लगातार नए ऑर्डर मिलने की संभावना बन सकती है.
स्टॉक का प्रदर्शन
5 साल में कंपनी के शेयर में 3385 फीसदी से अधिक की तेजी आई है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.