भारत का एस्सार ग्रुप अमेरिका में बनाएगा सबसे बड़ा प्लांट, ट्रंप ने 15 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट का किया ऐलान

यह प्रोजेक्ट नैशवॉक, मिनेसोटा में मेसाबी मेटालिक्स की नई आयरन ओर खदान से जुड़ा होगा. कंपनी ने खदान को डेवलप करने में 2.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है. ट्रंप ने आयोवा प्रोजेक्ट को एक जबरदस्त निवेश बताया और कहा कि हमारा स्टील उद्योग फिर से तेजी से आगे बढ़ रहा है.

डोनाल्ड ट्रंप Image Credit: Andrew Harnik/Getty Images

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को आयोवा में 15 अरब डॉलर के स्टील कॉम्प्लेक्स की योजना का ऐलान किया. इसे भारत के मल्टीनेशनल ग्रुप एस्सार ग्रुप की कंपनी ‘मेसाबी मेटालिक्स’ डेवलप करेगी. 80 साल के ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मेसाबी मेटालिक्स के अधिकारियों के साथ इस प्रोजेक्ट की घोषणा की. उन्होंने इस निवेश को अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक बड़ा बढ़ावा बताया और कहा कि कंपनी एक ऐसा स्टील प्लांट बनाने की योजना बना रही है, जो अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट होगा.

18 अरब डॉलर का निवेश

ट्रंप ने कहा कि एस्सार ग्रुप, जो मेसाबी मेटालिक्स की मालिक भारतीय मल्टीनेशनल कंपनी है, अमेरिका में कुल 18 अरब डॉलर का निवेश कर रही है. कंपनी के चेयरमैन रेवंत रुइया ने अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की कोशिशों का समर्थन करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का धन्यवाद किया.

ट्रंप ने आयोवा प्रोजेक्ट को एक जबरदस्त निवेश बताया और कहा कि हमारा स्टील उद्योग फिर से तेजी से आगे बढ़ रहा है.

आयोवा की स्टील प्लांट को कैसे सप्लाई किया जाएगा?

रॉयटर्स के अनुसार, प्रस्तावित स्टील कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह से इंटीग्रेटेड ऑपरेशन के तौर पर डिजाइन किया गया है. मेसाबी मेटालिक्स की योजना मिनेसोटा में अपनी खदान से निकाले गए आयरन ओर (लौह अयस्क) का इस्तेमाल करने और उसे आयोवा ले जाने की है, जहां उसे प्रोसेस करके स्टील बनाया जाएगा. आयोवा प्लांट के पहले चरण में हर साल 75 लाख (7.5 मिलियन) टन स्टील का उत्पादन होने की उम्मीद है. उत्पादन बाद में सालाना 1 करोड़ (10 मिलियन) टन तक बढ़ सकता है.

2030 से प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद

यह प्रोजेक्ट नैशवॉक, मिनेसोटा में मेसाबी मेटालिक्स की नई आयरन ओर खदान से जुड़ा होगा. कंपनी ने खदान को डेवलप करने में 2.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है. ट्रंप ने मिनेसोटा ऑपरेशन के महत्व पर जोर दिया और इसे पांच दशकों से ज्यादा समय में अमेरिका में पहली नई आयरन ओर खदान बताया.

ट्रंप ने कहा, ‘यह 50 से अधिक वर्षों में अमेरिका में पहली नई आयरन ओर खदान है.’ यह खदान मिनेसोटा की मेसाबी आयरन रेंज में स्थित है.

US जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, यह रेंज लगभग 80 से 100 मील तक फैली हुई है और 20वीं सदी के दौरान अमेरिका के कुल आयरन ओर (लौह अयस्क) उत्पादन का लगभग 60 फीसदी हिस्सा यहीं से आता था. उम्मीद है कि यह खदान हर साल लगभग 7.5 मिलियन टन आयरन का उत्पादन करेगी और मिनेसोटा में करीब 350 नौकरियां पैदा करेगी.

US मैन्युफैक्चरिंग पर ट्रंप का टैरिफ दांव

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को फिर से मजबूत करने को अपनी व्यापार नीति का मुख्य हिस्सा बनाया है. इस रणनीति में स्टील सबसे अहम लक्ष्यों में से एक रहा है. ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ज्यादातर आयातित स्टील पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था. उनके उत्तराधिकारी, डेमोक्रेट जो बाइडन ने भी काफी हद तक उन शुल्कों को बनाए रखा.

तब से ट्रंप ने ज्यादातर आयातित स्टील पर टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है. सोमवार को उन्होंने तर्क दिया कि अधिक शुल्क कंपनियों को आयातित उत्पादों पर टैरिफ चुकाने के बजाय अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘पद संभालने के कुछ ही समय बाद, मैंने सभी विदेशी स्टील पर 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया, और अब हमारा स्टील उद्योग तेजी से पटरी पर लौट रहा है. हर कोई अपना प्लांट यहीं लगा रहा है क्योंकि वे टैरिफ नहीं चुकाना चाहते.’

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