भारत के सामान का विदेशों में बढ़ा दबदबा, सितंबर में निर्यात 23% उछला

भारत का वस्तु निर्यात सितंबर 2026 में सालाना आधार पर 23% बढ़कर 44.4 अरब डॉलर पहुंच गया. इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग सामान और पेट्रोलियम उत्पादों की मजबूत मांग से निर्यात को सहारा मिला. वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का वस्तु निर्यात 550 अरब डॉलर के पार जाने की उम्मीद है, हालांकि बढ़ता आयात व्यापार घाटे की चुनौती बना हुआ है.

भारत का वस्तु निर्यात सितंबर 2026 में सालाना आधार पर 23% बढ़कर 44.4 अरब डॉलर पहुंच गया

Highlights

  • सितंबर में भारत का वस्तु निर्यात 23% बढ़कर 44.4 अरब डॉलर पहुंचा
  • इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 70.4% बढ़ा, इंजीनियरिंग सामान का निर्यात भी मजबूत रहा
  • वित्त वर्ष 2026-27 में वस्तु निर्यात 550 अरब डॉलर पार करने की उम्मीद है

भारत के निर्यात में सितंबर 2026 के दौरान मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है. देश से दूसरे देशों में भेजे जाने वाले सामान का निर्यात सालाना आधार पर 23% बढ़कर 44.4 अरब डॉलर पहुंच गया. इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग सामान और पेट्रोलियम उत्पादों की मांग ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई. इस रफ्तार के चलते वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का वस्तुओं का कुल निर्यात 550 अरब डॉलर के पार जाने की उम्मीद है.

पहली छमाही में 18.5% बढ़ा निर्यात

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से सितंबर अवधि के दौरान भारत का वस्तुओं का निर्यात 18.51% बढ़कर 259.89 अरब डॉलर हो गया. अप्रैल से शुरू हुए वित्त वर्ष में हर महीने निर्यात में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है. इससे पूरे साल के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने की उम्मीद मजबूत हुई है.

सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 में वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 1,000 अरब डॉलर तक पहुंचाना है. पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 863.11 अरब डॉलर रहा था.

इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सामान की बड़ी भूमिका

निर्यात बढ़ने में कई प्रमुख क्षेत्रों का योगदान रहा. इंजीनियरिंग सामान का निर्यात सितंबर में 21% बढ़कर 12.2 अरब डॉलर पहुंच गया. भारत के कुल वस्तु निर्यात में इसकी हिस्सेदारी करीब 28% है.

इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र ने और भी बेहतर प्रदर्शन किया. इसका निर्यात 70.4% बढ़कर 5.3 अरब डॉलर हो गया. वहीं, पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 31.9% बढ़कर 6.2 अरब डॉलर रहा. रत्न एवं आभूषण, रसायन और दवाओं के निर्यात में भी वृद्धि दर्ज की गई.

आयात बढ़ने से व्यापार घाटे की चुनौती

निर्यात बढ़ने के बावजूद भारत के सामने व्यापार घाटे की चुनौती बनी हुई है. सितंबर में वस्तुओं का आयात 8% बढ़कर 74.61 अरब डॉलर रहा. इससे महीने का वस्तु व्यापार घाटा 30.21 अरब डॉलर पर पहुंच गया. अगस्त में यह 26.86 अरब डॉलर था, जबकि सितंबर 2025 में करीब 33 अरब डॉलर था.

कच्चे तेल की कीमतों में सालाना आधार पर करीब 68% की बढ़ोतरी के बावजूद आयात में वृद्धि सीमित रही. इसकी एक वजह सोने और चांदी के आयात में तेज गिरावट रही.

सेवाओं के निर्यात में मामूली गिरावट

सितंबर में सेवाओं का निर्यात 0.87% घटकर 36.35 अरब डॉलर रहा. हालांकि, अप्रैल से सितंबर के दौरान सेवाओं का कुल निर्यात 8.69% बढ़कर 216.31 अरब डॉलर पहुंच गया.

कुल मिलाकर, भारत के वस्तु निर्यात में तेजी अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है. हालांकि, वैश्विक तनाव, व्यापार नीतियों में अनिश्चितता और आयात खर्च जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं. निर्यात की यही रफ्तार आगे भी कायम रहती है तो भारत के लिए 550 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात लक्ष्य पार करना संभव हो सकता है.

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