भारत के लिए खुला होर्मुज का रास्ता, ईरान ने हटाई पाबंदी, तेल-गैस सप्लाई को मिलेगी राहत?

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर लगी ट्रांजिट पाबंदियां हटा दी हैं. भारत के अलावा चीन, इराक और कतर के जहाजों को भी छूट दी गई है. ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात मोघद्दम ने इसकी जानकारी दी. मार्च से जून के बीच भारत और ईरान के बीच जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत हुई थी. इस फैसले से भारत की तेल और गैस सप्लाई को राहत मिलने की उम्मीद है.

ईरान ने भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की छूट दी. Image Credit: AI

भारत के लिए कच्चे तेल और गैस की सप्लाई के मोर्चे पर राहत भरी खबर है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर लगी ट्रांजिट पाबंदियां हटा दी हैं. अब भारत के जहाज इस समुद्री रास्ते से बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकेंगे. ईरान ने भारत के अलावा चीन, इराक और कतर के जहाजों को भी इस छूट में शामिल किया है. ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात मोघद्दम ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी. उनके मुताबिक, इन देशों के साथ साझा हितों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. इस घटनाक्रम से भारत की एनर्जी सप्लाई को लेकर बनी चिंताएं कम हो सकती हैं.

भारत समेत चार देशों को मिली छूट

इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात मोघद्दम ने ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी (ISNA) को बताया कि भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दी गई है. उन्होंने कहा कि इन देशों के जहाज इस रास्ते से स्वतंत्र रूप से गुजर रहे हैं और अमेरिकी पक्ष भी उन्हें रोक नहीं रहा है.

मोघद्दम के मुताबिक, इन चार देशों को छूट देने के पीछे ईरान के साझा हित हैं. उन्होंने खास तौर पर भारत का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय जहाजों के लिए रास्ता साफ करने से ईरान को भारत से दवाइयों का आयात करने में मदद मिलेगी. वहीं, चीन के जहाजों को छूट देने के पीछे बीजिंग का राजनीतिक समर्थन हासिल करने का उद्देश्य बताया गया है.

भारत और चीन के जहाजों से वसूली गई थी फीस

मोघद्दम ने बताया कि ईरान ने भारत और चीन के जहाजों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए ट्रांजिट फीस वसूली थी. हालांकि, कतर के जहाजों को बिना किसी शुल्क के गुजरने की अनुमति दी गई. उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इराक के जहाजों से भी कोई ट्रांजिट फीस ली गई थी या नहीं.

हालांकि, भारत सरकार से जुड़े मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि विदेश मंत्रालय की बातचीत के बाद जिन जहाजों को रास्ता देने की अनुमति मिली, उनके लिए भारत सरकार ने कोई ट्रांजिट फीस नहीं चुकाई.

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ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा में भी उठा था मुद्दा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही का मुद्दा ईरान के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान भी प्रमुखता से उठा था. इसके अलावा दोनों देशों के बीच हुई कई अन्य बातचीत में भी भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर बिना रोक-टोक आवाजाही की जरूरत पर जोर दिया था.

ईरान की ओर से भारत को मिली यह छूट ऐसे समय में अहम है, जब होर्मुज के रास्ते एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं. भारत के लिए इस रास्ते से तेल और गैस की सप्लाई महत्वपूर्ण है. ऐसे में भारतीय जहाजों को बिना पाबंदी गुजरने की अनुमति मिलने से एनर्जी इंपोर्ट से जुड़ी अनिश्चितता कम करने में मदद मिल सकती है.