31 जुलाई निकल गई, अब क्या करें? ITR नहीं भरा तो तुरंत जान लें ये जरूरी बातें
31 जुलाई 2026 की ITR फाइलिंग डेडलाइन नहीं बढ़ाई गई है. नौकरीपेशा और पेंशनर्स सहित सामान्य टैक्सपेयर्स अब बेलटेड ITR दाखिल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए ₹5,000 तक की लेट फीस, ब्याज और रिफंड में देरी का सामना करना पड़ सकता है.

अगर आप नौकरीपेशा हैं, पेंशनर हैं, छात्र हैं या आपकी कोई बिजनेस इनकम नहीं है और आपने 31 जुलाई 2026 तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं किया है, तो आपके लिए एक अहम खबर है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ITR फाइल करने की अंतिम तारीख नहीं बढ़ाई है. यानी 31 जुलाई की डेडलाइन अब खत्म हो चुकी है और अब रिटर्न दाखिल करने के लिए आपको लेट फीस के साथ बेलटेड ITR फाइल करनी होगी.
हाल के दिनों में ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें सामने आई थीं. सोशल मीडिया पर कई टैक्सपेयर्स ने पोर्टल के धीमे चलने और एरर आने की बात कही थी. इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि CBDT अंतिम तारीख आगे बढ़ा सकता है, लेकिन पोर्टल की समस्याएं दूर होने के बाद सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने का फैसला नहीं लिया.
देर से ITR भरने पर कितना जुर्माना लगेगा?
अगर आपने 31 जुलाई की समयसीमा मिस कर दी है, तो भी आप इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. हालांकि अब इसे बेलटेड ITR माना जाएगा. ऐसे में आयकर कानून के तहत आपकी आय के आधार पर ₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है. इसके अलावा अगर टैक्स बकाया है तो उस पर ब्याज भी देना होगा. इतना ही नहीं, टैक्स रिफंड मिलने में भी देरी हो सकती है और कुछ टैक्स लाभों से भी हाथ धोना पड़ सकता है.
सभी टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई आखिरी तारीख नहीं
यह जानना भी जरूरी है कि 31 जुलाई की अंतिम तारीख सभी टैक्सपेयर्स पर लागू नहीं होती. जिन लोगों की बिजनेस इनकम है लेकिन टैक्स ऑडिट की जरूरत नहीं है, उनके लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है.
वहीं जिन कारोबारियों या संस्थाओं के खातों का टैक्स ऑडिट अनिवार्य है, उनके लिए ITR भरने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है. जबकि ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 है.
अब तक 5.9 करोड़ से ज्यादा ITR दाखिल
CBDT के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक देशभर में 5.9 करोड़ से ज्यादा ITR दाखिल किए जा चुके थे. सिर्फ 30 जुलाई को ही 42 लाख से अधिक रिटर्न फाइल हुए.
समय पर ITR भरना क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर ITR दाखिल करने से न केवल लेट फीस और ब्याज से बचा जा सकता है, बल्कि टैक्स रिफंड भी जल्दी मिल जाता है. इसके अलावा बैंक लोन, वीजा आवेदन और कई वित्तीय कामों में ITR एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में काम करता है. इसलिए यदि आप 31 जुलाई की समयसीमा चूक गए हैं, तो बिना ज्यादा देर किए बेलटेड ITR दाखिल कर देना ही बेहतर रहेगा.