LPG की खपत 17 फीसदी घटी, पेट्रोल-डीजल की बिक्री में इजाफा; जानें- कितनी गैस इंपोर्ट करता है भारत

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आपूर्ति में आई रुकावटों की वजह से मार्च के पहले पखवाड़े में भारत में कुकिंग गैस की खपत में गिरावट आई. दूसरी तरफ युद्ध से प्रभावित इन दो फ्यूल के अलावा, पेट्रोल और डीजल की बिक्री में मांग में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिली.

भारत में एलपीजी की खपत Image Credit: AI/canva

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते भारत में एलपीजी संकट खड़ा हो गया. इसकी वजह से कुकिंग गैस की खपत में गिरावट दर्ज की गई है. उद्योग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आपूर्ति में आई रुकावटों की वजह से मार्च के पहले पखवाड़े में भारत में कुकिंग गैस (LPG) की खपत में 17.7 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई.

मार्च के पहले पखवाड़े में LPG की खपत घटकर 1.147 मिलियन टन रह गई, जो पिछले साल इसी अवधि में हुई 1.387 मिलियन टन की खपत से 17.3 फीसदी कम है और फरवरी के पहले पखवाड़े में रही 1.557 मिलियन टन की मांग से 26.3 फीसदी कम है.

LPG आयात करता है भारत?

भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60 फीसदी हिस्सा आयात करता है, जिसका ज्यादातर हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह रास्ता लगभग बंद हो गया है.

सप्लाई में कटौती

सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आपूर्ति बाधित होने के कारण, सरकार ने घरों में खाना पकाने वाली गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए होटलों जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को LPG की आपूर्ति में कटौती कर दी है.

तीन सरकारी फ्यूल रिटेलर्स का शुरुआती सेल्स डेटा, जिनका बाजार पर लगभग 90 फीसदी कंट्रोल है, दिखाता है कि 1 मार्च से 15 मार्च के बीच LPG की खपत 2024 की इसी अवधि की मांग से 16 फीसदी कम थी और 1 मार्च से 15 मार्च, 2023 की तुलना में 10.6 फीसदी कम थी.

हाल के वर्षों में LPG की खपत में सालाना 3–4 फीसदी की स्थिर दर से बढ़ोतरी हुई है, जिसकी मुख्य वजह सरकार के वे प्रयास हैं जिनके तहत लकड़ी और दूसरे प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों की जगह LPG को बढ़ावा दिया जा रहा है.

ATF की खपत घटी

युद्ध की वजह से कई खाड़ी देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानों के रुकने से, मार्च के पहले पखवाड़े में जेट फ्यूल या ATF की खपत पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 4% घटकर 327,900 टन रह गई. महीने-दर-महीने आधार पर इसमें 12.3% की गिरावट आई.

पेट्रोल और डीजल की बिक्री में इजाफा

युद्ध से प्रभावित इन दो फ्यूल के अलावा, पेट्रोल और डीजल की बिक्री में मांग में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिली. पेट्रोल की बिक्री 13.2% बढ़कर लगभग 1.5 मिलियन टन हो गई, जबकि डीजल की खपत 8.2% बढ़कर 3.384 मिलियन टन हो गई. महीने-दर-महीने आधार पर, पेट्रोल की खपत में 11.2% और डीजल की बिक्री में 7.7% की बढ़ोतरी हुई.

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