जल्द बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के चलते हो सकता है बड़ा फैसला
Petrol-Diesel Price: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी है, जिसका दबाव तेल कंपनियों पर पड़ रहा है. दबाव को कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमतों में इजाफा किया जा सकता है.
Petrol-Diesel Price: महंगाई के मोर्चे पर लोगों को जल्द बड़ा झटका लग सकता है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, जल्द ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी है, जिसका दबाव तेल कंपनियों पर पड़ रहा है. दबाव को कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमतों में इजाफा किया जा सकता है.
हालांकि, आधिकारिक रूप से सरकार की तरफ से अभी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया गया है. सरकार ने हाल ही में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद कीमतों में वृद्धि की संभावना से इनकार कर दिया था.
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया युद्ध के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई जोरदार तेजी है. आपूर्ति में संभावित व्यवधान, परिवहन संबंधी जोखिम और लंबे समय तक अस्थिरता की आशंकाओं ने हाल के हफ्तों में बेंचमार्क कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे तेल मार्केटिंग कंपनियों की इनपुट लागत में वृद्धि हुई है.
तेल कंपनियां झेल रही हैं नुकसान
रिटेल फ्यूल की कीमतों में कोई बदलाव न होने के कारण, तेल कंपनियां नुकसान झेल रही हैं, जिससे उनकी कमाई में कमी आई है. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें सरकार के राजकोषीय बोझ को भी बढ़ा रही हैं, जिससे सब्सिडी या कर कटौती के माध्यम से उपभोक्ताओं को राहत देने की उसकी गुंजाइश सीमित हो गई है.
हरदीप सिंह पुरी ने कही ये बात
दूसरी तरफ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं. भारत ने घबराहट को नीति नहीं बनने दिया. देश के रसोईघरों में ईंधन की आपूर्ति नहीं रुकी. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं हुई.
कमर्शियल एलपीजी के दाम में इजाफा
1 मई 2026 से देश भर में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत 993 रुपये बढ़कर 3,071.50 रुपये पहुंच गई है.
Latest Stories
अमेरिका की सबसे बड़ी तेल कंपनियों का मुनाफा घटा, रिकॉर्ड स्तर पर गैसोलीन की कीमतें, जानें- क्यों है चिंता की वजह
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.82 अरब डॉलर घटकर 698.49 अरब डॉलर पर आया, गोल्ड रिजर्व में भी गिरावट
Crude महंगा तो पेंट भी महंगा… Berger समेत कई कंपनियां बढ़ाने जा रही कीमतें; घर रंगना पड़ेगा जेब पर भारी
