‘अपना सामान समेटो और जाओ’, केन्या के राष्ट्रपति ने टाटा केमिकल्स को देश छोड़ने का दिया आदेश, क्यों मचा बवाल?
रुटो ने कहा कि उन्होंने मुंबई बेस्ड कंपनी की एक यूनिट से अपना सामान समेटकर जाने के लिए कहा है, क्योंकि वह सोडा ऐश को स्थानीय स्तर पर प्रोसेस करके ग्लास और केमिकल बनाने के बजाय उसका एक्सपोर्ट करती है.

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने टाटा केमिकल्स को केन्या में अपना कामकाज बंद करने का निर्देश दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की मौजूदगी से देश को कोई फायदा नहीं हुआ है. उन्होंने पूछा, ‘क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?’ रुटो ने कहा कि उन्होंने मुंबई बेस्ड कंपनी की एक यूनिट से अपना सामान समेटकर जाने के लिए कहा है, क्योंकि वह सोडा ऐश को स्थानीय स्तर पर प्रोसेस करके ग्लास और केमिकल बनाने के बजाय उसका एक्सपोर्ट करती है.
टाटा के पास 100 साल का माइनिंग अधिकार
रुटो ने काजियाडो काउंटी का जिक्र करते हुए कहा, ‘टाटा के पास 100 साल का माइनिंग अधिकार था, फिर भी उसने काजियाडो में कुछ भी नहीं बनाया है. काजियाडो में ही लेक मगाडी है, जहां कंपनी दो दशकों से सोडा ऐश के उत्पादन के लिए खनिज निकाल रही है. वे हमारे संसाधन को भारत और दूसरी जगहों पर ले जाते हैं.’
यह बयान केन्या के माइनिंग मंत्रालय द्वारा टाटा केमिकल्स मगाडी लिमिटेड को रॉयल्टी का भुगतान न करने और अन्य रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा न करने का हवाला देते हुए ऑपरेशन रोकने का निर्देश देने के पांच हफ्ते बाद आया है.
रुटो ने काजियाडो की मांग
काजियाडो के गवर्नर जोसेफ ओले लेंकु ने कहा कि माइनिंग अधिकार 2023 में खत्म हो गए थे. केन्या 1911 से सोडा ऐश का उत्पादन कर रहा है और टाटा ने 2005 में ब्रूनर मोंड लिमिटेड से यह ऑपरेशन हासिल किया था.
रुटो ने काजियाडो में एक जनसभा में समर्थकों से कहा, ‘जिन्हें हम संसाधन निकालने का लाइसेंस देंगे, उन्हें ग्लास बनाने के लिए यहां एक बड़ी प्रोसेसिंग सुविधा बनानी होगी. उन्हें यहां केमिकल बनाने के लिए एक बड़ी फैक्ट्री बनानी चाहिए.’
सोडा ऐश का क्या है इस्तेमाल?
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, केन्या प्राकृतिक सोडा ऐश का दुनिया का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 1% है. सोडियम कार्बोनेट के रूप में भी जाना जाने वाला यह कंपाउंड ग्लास, सफाई के उत्पादों और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी बनाने में इस्तेमाल किया जाता है.
रुटो ने कहा, ‘चाहे कुछ भी हो, क्योंकि वे जरूरी काम करने में असमर्थ रहे हैं, इसलिए मैंने उनसे अपना सामान समेटकर जाने के लिए कहा है.’
केन्या में टाटा केमिकल्स क्या करती है?
टाटा केमिकल्स केन्या में मगाडी सोडा का कारोबार चलाती है. यह कंपनी सोडा ऐश बनाती है, जो एक इंडस्ट्रियल केमिकल है और इसका इस्तेमाल ग्लास समेत कई तरह के मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में किया जाता है. मगाडी का यही कामकाज हाल ही में कंपनी और केन्या सरकार के बीच हुए विवाद की मुख्य वजह रहा है.