PayPal Layoffs: भारत में 600 कर्मचारियों की छंटनी, ग्लोबल वर्कफोर्स में 20% कटौती का प्लान

PayPal ने भारत में करीब 600 एम्प्लॉइज की छंटनी की है, जो कंपनी की इंडिया वर्कफोर्स का लगभग 10 फीसदी हिस्सा है. चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद ऑफिसेज में टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस, पेमेंट्स और फाइनेंस जैसी टीम्स प्रभावित हुई हैं. यह जॉब कट PayPal की ग्लोबल रिस्ट्रक्चरिंग और कॉस्ट-कटिंग स्ट्रैटेजी का हिस्सा बताया जा रहा है.

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PayPal Layoffs: अमेरिकन फिनटेक कंपनी PayPal ने भारत में करीब 600 कर्मचारियों की छंटनी की है. यह जॉब कट कंपनी की ग्लोबल रिस्ट्रक्चरिंग और कॉस्ट-कटिंग स्ट्रैटेजी का हिस्सा बताया जा रहा है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, PayPal के इंडिया ऑफिसेज में यह छंटनी टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस, पेमेंट्स, फाइनेंस समेत कई टीम्स में हुई है. कंपनी के चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद ऑफिसेज में काम करने वाले एम्प्लॉइज इससे प्रभावित हुए हैं.

6,000 से ज्यादा लोग करते हैं काम

PayPal इंडिया में 6,000 से ज्यादा एम्प्लॉइज काम करते हैं. ऐसे में करीब 600 कर्मचारियों की छंटनी कंपनी की इंडिया वर्कफोर्स का लगभग 10 फीसदी हिस्सा है. प्रभावित कर्मचारियों में से एक ने मनीकंट्रोल को बताया कि उन्हें इस जॉब कट की पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी. कर्मचारियों को 31 अगस्त की सुबह एक कॉल जॉइन करने के लिए इनवाइट किया गया था, जहां उन्हें नौकरी से हटाए जाने की जानकारी दी गई. इसके तुरंत बाद उनका सिस्टम एक्सेस भी रिवोक कर दिया गया.

कर्मचारियों को कितना सेवेरेंस मिलेगा?

छंटनी से प्रभावित एक एम्प्लॉई के मुताबिक, कंपनी की ओर से ऑफ-बोर्डिंग प्रोसेस की जानकारी ईमेल के जरिए दी गई. कर्मचारियों को जॉब असिस्टेंस देने की बात कही गई है. इसके अलावा, उन्हें एक महीने की सैलरी बतौर सेवेरेंस पे देने का भी वादा किया गया है. हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अभी फुल एंड फाइनल सेटलमेंट को लेकर पूरी जानकारी नहीं मिली है.

कई फेज में चल रही छंटनी

कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, PayPal की लेऑफ्स प्रोसेस कई फेज में चल रही है. इसकी शुरुआत एशिया-पैसिफिक रीजन से हुई, जिसमें इंडिया भी शामिल है. इसके बाद यूएस, यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में प्रभावित कर्मचारियों के साथ मीटिंग्स की गईं.

ग्लोबल लेवल पर भी बड़ी छंटनी का प्लान

भारत में हुई यह छंटनी PayPal की ग्लोबल रिस्ट्रक्चरिंग स्ट्रैटेजी से जुड़ी है. कंपनी के मैनेजमेंट ने मई में अगले दो से तीन वर्षों के दौरान अपनी ग्लोबल वर्कफोर्स में 20 फीसदी की कटौती करने की योजना की घोषणा की थी. कंपनी का लक्ष्य इस रिस्ट्रक्चरिंग के जरिए इसी अवधि में कम से कम 1.5 बिलियन डॉलर की ग्रॉस रन-रेट सेविंग्स हासिल करना है. 2025 के अंत तक PayPal की ग्लोबल वर्कफोर्स करीब 23,800 एम्प्लॉइज की थी. 20 फीसदी वर्कफोर्स रिडक्शन के हिसाब से करीब 4,760 जॉब रोल्स प्रभावित हो सकते हैं.

इंडिया में PayPal की मजबूत मौजूदगी

PayPal ने 2008 में चेन्नई में अपना पहला डेवलपमेंट सेंटर शुरू किया था. यह अमेरिका के बाहर कंपनी का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी सेंटर है. यहां कोर पेमेंट प्लेटफॉर्म्स, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबाइल एक्सपीरियंस और डिस्ट्रिब्यूटेड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों पर काम किया जाता है.

इसके बाद बेंगलुरु में दूसरा सेंटर शुरू किया गया, जो इनोवेशन लैब के तौर पर काम करता है. यहां मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर विजन और डेटा साइंस जैसी टेक्नोलॉजीज पर काम किया जाता है. हैदराबाद में PayPal का तीसरा टेक्नोलॉजी हब 2019 में शुरू हुआ था. यह रिस्क मैनेजमेंट, फ्रॉड प्रिवेंशन और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों पर फोकस करता है.

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