रुपये में जबरदस्त तेजी, डॉलर के मुकाबले 67 पैसे की मजबूत बढ़त; 2 महीने के हाई पर पहुंचा
भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 67 पैसे मजबूत होकर 94.30 रुपये पर पहुंच गया. यह रुपये का करीब 2 महीने का हाई लेवल है. रुपये में इस तेजी की प्रमुख वजह FCNR-B रूट के जरिए उम्मीद से ज्यादा इनफ्लो को माना जा रहा है.
Highlights
- भारतीय रुपया 67 पैसे मजबूत होकर 94.30 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया है.
- FCNR-B रूट से 127 बिलियन डॉलर से ज्यादा का इनफ्लो आया है.
- मार्केट के करीब 90 बिलियन डॉलर के अनुमान से काफी अधिक है.
Rupee-Dollar: भारतीय रुपया गुरुवार, 3 सितंबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जोरदार तेजी के साथ खुला. शुरुआती कारोबार में रुपया 67 पैसे मजबूत होकर 94.30 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया. यह करीब 2 महीने का हाई लेवल है. बुधवार को रुपया 94.97 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था. गुरुवार की तेजी को जून के बाद किसी एक कारोबारी दिन में रुपये की सबसे बड़ी बढ़त बताया गया है.
FCNR-B डिपॉजिट रूट से मिली बढ़त
रुपये में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट बैंक यानी FCNR-B डिपॉजिट रूट के जरिए उम्मीद से ज्यादा इनफ्लो को माना जा रहा है. Reserve Bank of India यानी RBI ने 2 सितंबर को बताया था कि FCNR-B रूट के जरिए 127 बिलियन डॉलर से ज्यादा का इनफ्लो जुटाया गया है. यह आंकड़ा मार्केट के करीब 90 बिलियन डॉलर के अनुमान से काफी ज्यादा है.
127 बिलियन डॉलर से ज्यादा का इनफ्लो
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, FCNR-B रूट के जरिए जुटाया गया इनफ्लो 127 बिलियन डॉलर से ज्यादा रहा. वहीं, External Commercial Borrowings और Overseas Foreign Currency Borrowings को भी शामिल करने पर कुल इनफ्लो करीब 136 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया.
अनुमान से बेहतर प्रदर्शन
मार्केट में FCNR-B इनफ्लो का आंकड़ा करीब 100 बिलियन डॉलर रहने का अनुमान लगाया जा रहा था. ऐसे में वास्तविक आंकड़ा अनुमान से काफी ज्यादा आने के बाद करेंसी मार्केट में रुपये को मजबूती मिली. एक बैंक के करेंसी ट्रेडर के मुताबिक, बाजार ने करीब 100 बिलियन डॉलर के FCNR-B आंकड़े को पहले ही प्राइस-इन कर लिया था, लेकिन वास्तविक आंकड़ा उम्मीद से काफी ज्यादा रहा.
RBI को रुपये को मैनेज करने में मिलेगी ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी
मार्केट पार्टिसिपेंट्स का मानना है कि इस बड़े इनफ्लो के बाद RBI के पास रुपये की चाल को मैनेज करने के लिए ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी होगी. हाल के दिनों में केंद्रीय बैंक ने डॉलर सेलिंग बढ़ाई है और रुपये को मजबूत करने की दिशा में ज्यादा एक्टिव नजर आया है.
फॉरेक्स रिजर्व बढ़ाने में मदद मिल सकती है
ट्रेडर्स का मानना है कि RBI के पास अब पर्याप्त फॉरेक्स लिक्विडिटी मौजूद है, जिससे वह रुपये में ज्यादा कमजोरी को रोकने के साथ-साथ अपने फॉरेक्स रिजर्व को दोबारा बढ़ाने की दिशा में भी काम कर सकता है. रुपये को एशियाई करेंसीज में मजबूती और डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. डॉलर इंडेक्स 99.50 के नीचे आ गया है. डॉलर में कमजोरी की एक बड़ी वजह जापानी येन में आई तेजी बताई जा रही है.
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