डॉलर के मुकाबले रुपया 38 पैसे टूटा, 95.92 पर बंद; महंगे क्रूड ने बढ़ाई चिंता
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मंगलवार को 38 पैसे कमजोर होकर 95.92 के स्तर पर बंद हुआ. रुपये पर दबाव की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमत रही. ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. महंगे तेल से आयातकों की डॉलर मांग बढ़ी है, जिससे महंगाई और भारत के विदेशी व्यापार संतुलन को लेकर चिंता बढ़ी.

भारतीय रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर बंद हुआ. रुपया 38 पैसे की गिरावट के साथ 95.92 के स्तर पर पहुंच गया. रुपये में गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव रहा. ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है. महंगे कच्चे तेल के कारण तेल आयातकों की तरफ से डॉलर की मांग बढ़ी है. इससे महंगाई और भारत के विदेशी व्यापार संतुलन को लेकर चिंता बढ़ी है.
रुपया 95.92 पर हुआ बंद
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 95.84 के स्तर पर खुला था. कारोबार के दौरान रुपये पर दबाव बढ़ा और यह 38 पैसे गिरकर 95.92 के स्तर पर बंद हुआ. पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.54 के स्तर पर बंद हुआ था. सोमवार को गणेश चतुर्थी के कारण फॉरेक्स और शेयर बाजार बंद थे. मंगलवार को कमजोर घरेलू शेयर बाजार का असर भी रुपये पर देखने को मिला.
महंगा क्रूड बना रुपये के लिए बड़ी चिंता
ब्रेंट क्रूड की कीमत 107.71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही. कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है. खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा Crude रुपये पर दबाव बढ़ाता है.
तेल आयातकों की बढ़ी डॉलर मांग
महंगे कच्चे तेल के कारण तेल आयातकों को पहले के मुकाबले ज्यादा डॉलर की जरूरत पड़ती है. इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव आता है. फॉरेक्स कारोबारियों के मुताबिक इससे भारत की महंगाई और बाहरी व्यापार संतुलन को लेकर भी चिंता बढ़ी है. इसके अलावा मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने भी रुपये की कमजोरी को बढ़ाया.
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अमेरिकी फेड के फैसले पर नजर
निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के फैसले पर है. FOMC की बैठक का फैसला बुधवार को आने वाला है. बाजार में ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों के बीच निवेशक सावधानी बरत रहे है. डॉलर इंडेक्स 99.61 पर था और इसमें 0.22 फीसदी की बढ़त रही. जानकारों के मुताबिक ग्लोबल बाजार में रिस्क ऑफ माहौल और मजबूत डॉलर रुपये पर आगे भी दबाव बना सकते है.