Closing Bell: शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के 8.67 लाख करोड़ रुपये डूबे; Sensex 778 अंक टूटा
शेयर मार्केट में मंगलवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ. सेंसेक्स 777.94 अंक गिरकर 74003.82 पर और निफ्टी 279.50 अंक टूटकर 23118.60 पर बंद हुआ. बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह बढ़ती बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल, अमेरिकी ब्याज दरों की चिंता और ईरान अमेरिका तनाव रही.
Highlights
- Sensex 778 अंक गिरकर 74003.82 पर बंद हुआ.
- Nifty 279 अंक टूटकर 23118.60 के स्तर पर पहुंचा.
- BSE लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 8.67 लाख करोड रुपये घटा.
शेयर मार्केट मंगलवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ. शुरुआती बढ़त के बाद बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली. सेंसेक्स 777.94 अंक गिरकर 74003.82 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 279.50 अंक टूटकर 23118.60 पर पहुंच गया. बाजार में गिरावट की वजह बढ़ती बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल और ब्याज दरों को लेकर चिंता रही. इस गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 8.67 लाख करोड़ रुपये घट गया.
बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बाजार पर दबाव
बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी मंगलवार को बाजार के लिए बड़ी चिंता रही. बॉन्ड यील्ड बढ़ने से कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है. इसका असर खास तौर पर बैंकिंग और रियल्टी जैसे सेक्टर पर दिखा. निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.83 फीसदी और निफ्टी रियल्टी 4.04 फीसदी गिरा. निफ्टी पीएसयू बैंक में 2.29 फीसदी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.33 फीसदी की गिरावट रही.
अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर चिंता
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर भी निवेशकों की चिंता बढ़ी है. अगर अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती है तो दुनिया भर में वित्तीय स्थिति पर दबाव रह सकता है. इसका असर भारत जैसे उभरते बाजारों पर भी पड़ सकता है. मंगलवार को निफ्टी नेक्स्ट 50 में 2.50 फीसदी की गिरावट रही. निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 2 फीसदी से ज्यादा टूटे.
ईरान अमेरिका तनाव और महंगा कच्चा तेल
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई. इस तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर आशंका बढ़ी है. ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया. महंगा कच्चा तेल भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि इससे महंगाई, ट्रेड डेफिसिट और कंपनियों की लागत बढ़ सकती है. मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज 1.47 फीसदी और मारुति 1.17 फीसदी गिरा.
रियल्टी और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
मंगलवार को ज्यादातर सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली. निफ्टी रियल्टी 4.04 फीसदी गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा. निफ्टी केमिकल 3.42 फीसदी, निफ्टी मेटल 2.54 फीसदी और निफ्टी सीमेंट 2.72 फीसदी गिरा. निफ्टी ऑटो में 2.01 फीसदी और निफ्टी बैंक में 1.43 फीसदी की गिरावट रही. सेंसेक्स में BEL सबसे ज्यादा 5.01 फीसदी गिरा.
IT शेयरों ने संभाला बाजार
बाजार की भारी गिरावट के बीच IT शेयरों ने मजबूती दिखाई. निफ्टी IT इंडेक्स 2.19 फीसदी बढ़कर मंगलवार का सबसे मजबूत सेक्टर रहा. HCL Technologies 4.47 फीसदी, Infosys 3.62 फीसदी, TCS 2.69 फीसदी और Tech Mahindra 2.57 फीसदी चढ़े. HDFC Bank में 1.36 फीसदी और Hindustan Unilever में 0.67 फीसदी की बढ़त रही. हालांकि IT और कुछ बड़े शेयरों की तेजी बाजार की कुल गिरावट को रोक नहीं सकी.
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IPO और मिडकैप स्मॉलकैप में भारी बिकवाली
बाजार में जारी IPO गतिविधि भी निवेशकों के लिए एक अहम मुद्दा रही. NSE के करीब 22562 करोड़ रुपये के IPO को लेकर बाजार में काफी पैसा नए इश्यू की तरफ जाने की उम्मीद है. दूसरी ओर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा दबाव देखने को मिला. Nifty MidSmall 400 में 2.24 फीसदी और Smallcap 250 में 2.44 फीसदी की गिरावट रही. इससे साफ है कि मंगलवार को बिकवाली का दबाव सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा.
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