कर्ज लगभग नहीं, ROCE 20% से ज्यादा और डिविडेंड भी शानदार! फार्मा के इन 2 छोटे शेयरों पर रखें नजर
एक स्क्रीनिंग में 1,000 करोड़ से 5,000 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली फार्मा कंपनियों में 20 फीसदी से ज्यादा ROCE, इंडस्ट्री से बेहतर डिविडेंड यील्ड और लगभग न के बराबर कर्ज वाली कंपनियों को चुना गया. करीब 10 शेयरों में से Amrutanjan Health Care और Jagsonpal Pharmaceuticals सबसे अलग नजर आए. Amrutanjan के पास मजबूत ROCE और बेहद कम कर्ज है.
Highlights
- Amrutanjan Health Care का कारोबार 1893 से चला आ रहा है.
- जून 2026 तिमाही में महिलाओं की हाइजीन और पर्सनल केयर बिक्री 27 फीसदी बढ़कर 36.36 करोड़ रुपये हो गई.
- Jagsonpal Pharmaceuticals 1978 में शुरू हुई यह कंपनी महिलाओं की सेहत से जुड़े कारोबार पर खास फोकस करती है.
Pharma Stocks: भारतीय फार्मा सेक्टर में बड़ी कंपनियों के अलावा कुछ छोटी कंपनियां भी अपने मजबूत कारोबार, बेहतर रिटर्न ऑन कैपिटल और कम कर्ज की वजह से निवेशकों का ध्यान खींच रही हैं. एक स्क्रीनिंग में 1000 करोड़ रुपये से 5000 करोड़ रुपये के बीच मार्केट कैप वाली फार्मा कंपनियों को देखा गया, जिनमें ROCE 20 फीसदी से ज्यादा, इंडस्ट्री के औसत से बेहतर डिविडेंड यील्ड और लगभग न के बराबर कर्ज वाली कंपनियों की तलाश की गई. इस स्क्रीनिंग में करीब 10 शेयर सामने आए, लेकिन इनमें से Amrutanjan Health Care और Jagsonpal Pharmaceuticals दो कंपनियां सबसे अलग नजर आईं.
दोनों कंपनियों का ROCE 20 फीसदी से ज्यादा है और दोनों पर कर्ज भी बेहद कम है. सितंबर में दोनों के डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट भी रही है. हालांकि, दोनों कंपनियों की कहानी एक जैसी नहीं है.
1. Amrutanjan Health Care: 1893 से चल रहा कारोबार, अब मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ा दांव
Amrutanjan Health Care का कारोबार 1893 से चला आ रहा है. कंपनी अपने आयुर्वेदिक पेन बाम के लिए जानी जाती है, लेकिन अब इसका पोर्टफोलियो काफी बड़ा हो चुका है. इसमें दर्द से राहत के लिए Amrutanjan, कंजेशन के लिए Relief, महिलाओं की हाइजीन के लिए Comfy और फ्रूट ड्रिंक के लिए Fruitnik जैसे ब्रांड शामिल हैं. कंपनी का मार्केट कैप 1,419 करोड़ रुपये है.
कंपनी का FY26 में ROCE 25 फीसदी रहा, जो इंडस्ट्री के औसत से करीब दोगुना है. पिछले 10 साल का मीडियन ROCE भी 25 फीसदी रहा है. यानी कंपनी लंबे समय से पूंजी पर अच्छा रिटर्न देने वाली रही है. वहीं कंपनी पर सिर्फ 2 करोड़ रुपये का उधार है, जबकि उसके रिजर्व 367 करोड़ रुपये के हैं.
150 करोड़ रुपये के नए प्लांट पर बड़ा दांव
Amrutanjan ने इस साल एक बड़ा कदम उठाते हुए तेलंगाना के Rangareddy जिले में नया सैनिटरी नैपकिन प्लांट शुरू किया है. कंपनी ने इस ग्रीनफील्ड प्लांट पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. यहां दो हाई-स्पीड जापानी प्रोडक्शन लाइन लगाई गई हैं और सालाना 700 मिलियन नैपकिन बनाने की क्षमता है. इस निवेश का मकसद महिलाओं की हाइजीन से जुड़े कारोबार में थर्ड पार्टी मैन्युफैक्चरिंग पर निर्भरता कम करना है. Comfy प्रोडक्ट पहले थर्ड पार्टी के जरिए बनता था, लेकिन अब कंपनी इसे खुद बनाएगी.
जून 2026 तिमाही में महिलाओं की हाइजीन और पर्सनल केयर बिक्री 27 फीसदी बढ़कर 36.36 करोड़ रुपये हो गई. हालांकि, कंपनी के सबसे बड़े कारोबार यानी OTC प्रोडक्ट और पेन बाम कारोबार की बिक्री सिर्फ 0.5 फीसदी बढ़कर 57.26 करोड़ रुपये रही.
बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफे की रफ्तार कमजोर
Amrutanjan की बिक्री FY21 में 333 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 503 करोड़ रुपये हो गई. इस दौरान बिक्री की 5 साल की CAGR 9 फीसदी रही. लेकिन EBITDA FY21 के 75 करोड़ रुपये से FY26 में 76 करोड़ रुपये ही पहुंचा, जबकि नेट प्रॉफिट 61 करोड़ रुपये से बढ़कर 58 करोड़ रुपये रह गया यानी बिक्री में बढ़ोतरी के बावजूद ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट में खास रफ्तार नहीं दिखी. इसका एक कारण FY21 का मजबूत बेस भी है. FY20 से FY26 के बीच तस्वीर ज्यादा बेहतर दिखती है, जब बिक्री की CAGR 11.6 फीसदी, ऑपरेटिंग प्रॉफिट की 16.1 फीसदी और नेट प्रॉफिट की 15.1 फीसदी रही.
जून तिमाही में भी तस्वीर पूरी तरह मजबूत नहीं रही. बिक्री 9.5 फीसदी बढ़कर 102.97 करोड़ रुपये हुई, लेकिन टैक्स के बाद मुनाफा 47.7 फीसदी गिरकर 4.37 करोड़ रुपये रह गया. एक बार के लीज रेंट सेटलमेंट का भी असर रहा. ऑपरेटिंग मार्जिन 9 फीसदी से घटकर 6.1 फीसदी रह गया, जबकि पेन मैनेजमेंट की बिक्री की मात्रा 3.4 फीसदी घटी.
दबाव में रहें शेयर
हालांकि कंपनी का शेयर दबाव में ही कारोबार कर रहा है. 15 सिंतबर को 2 बजे तक कंपनी के शेयर में 0.64 फीसदी की गिरावट रही. इसका 52 हफ्ते का दायरा 483 से 785 रुपये रहा है. शेयर एक साल में करीब 35 फीसदी नीचे है और पांच साल में सालाना करीब 8 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है.
शेयर करीब 23 गुना के P/E पर कारोबार कर रहा है, जबकि इंडस्ट्री का मीडियन करीब 35 गुना है. कंपनी का 10 साल का मीडियन P/E 41 गुना रहा है.
कंपनी के सामने कुछ जोखिम भी हैं. सितंबर 2024 में प्रमोटर हिस्सेदारी 50.59 फीसदी से घटकर 46.52 फीसदी हो गई थी और उसके बाद इसमें बदलाव नहीं हुआ. शेयरधारकों की संख्या भी सितंबर 2023 के 72,002 से घटकर 45,135 रह गई है. इसके अलावा 150 करोड़ रुपये के नए प्लांट को पर्याप्त क्षमता से चलाना जरूरी होगा, जबकि कंपनी का मुख्य बाम कारोबार फिलहाल धीमा है.
2. Jagsonpal Pharmaceuticals: महिलाओं की सेहत पर फोकस
दूसरी कंपनी Jagsonpal Pharmaceuticals है. 1978 में शुरू हुई यह कंपनी गुरुग्राम से संचालित होती है और महिलाओं की सेहत से जुड़े कारोबार पर खास फोकस करती है. इसके मुख्य सेगमेंट स्त्री रोग और ऑर्थोपेडिक्स हैं.
कंपनी के 17 ब्रांड अपने-अपने मॉलिक्यूल कैटेगरी में टॉप-5 में हैं. कंपनी के पास 900 से ज्यादा लोगों की फील्ड फोर्स है. इसके टॉप-5 ब्रांड कुल बिक्री का करीब 47 फीसदी हिस्सा बनाते हैं.
FY26 में Jagsonpal का ROCE 23 फीसदी रहा, जो इंडस्ट्री के औसत से करीब दोगुना है. कंपनी का 10 साल का मीडियन ROCE 17.5 फीसदी है. यानी मौजूदा प्रदर्शन कंपनी के अपने लंबे इतिहास से भी बेहतर है.
सिर्फ 8 करोड़ रुपये का कर्ज, 191 करोड़ रुपये का फ्री कैश
31 मार्च 2026 तक Jagsonpal पर सिर्फ 8 करोड़ रुपये का उधार था, जबकि कंपनी के पास 191 करोड़ रुपये का फ्री कैश था. कंपनी का मार्केट कैप करीब 1,536 करोड़ रुपये है.
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FY26 में कंपनी ने 4 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया. इसमें एक बार का स्पेशल डिविडेंड भी शामिल था. 4 रुपये के डिविडेंड और 233 रुपये के शेयर भाव के हिसाब से यील्ड करीब 1.7 फीसदी थी. डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर थी.
डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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