भारत और अमेरिका फाइनल करने वाले हैं क्रिटिकल मिनरल्स एग्रीमेंट, सर्जियो गोर ने कहा- कुछ महीनों में होगी बड़ी घोषणा
इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और भारत के बीच संबंध 'ऐतिहासिक ऊंचाइयों' तक पहुंच सकते हैं. उन्होंने हाल की सफलताओं, जिसमें US-भारत के बीच अंतरिम व्यापार समझौता भी शामिल है. गोर ने आगे कहा कि आने वाले महीनों में भारत और अमेरिका से ठोस नतीजे मिलने की उम्मीद है.
भारत में अमेरिकी राजदूत, सर्जियो गोर ने शुक्रवार को घोषणा कहा कि भारत और US एक मिनरल्स समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं. अगले कुछ महीनों में एक बड़ी घोषणा होने की उम्मीद है. एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में सर्जियो गोर ने कहा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम महत्वपूर्ण मिनरल्स समझौतों को अंतिम रूप देने के बहुत करीब पहुंच रहे हैं, जो उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा प्रणालियों और उभरती तकनीकों के लिए जरूरी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में मदद करेंगे. हमारे साथ बने रहें, और अगले कुछ महीनों में, हमें एक बड़ी घोषणा की उम्मीद है.’
ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंच सकते हैं दोनों देशों के रिश्ते
उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और भारत के बीच संबंध ‘ऐतिहासिक ऊंचाइयों’ तक पहुंच सकते हैं. उन्होंने हाल की सफलताओं, जिसमें US-भारत के बीच अंतरिम व्यापार समझौता भी शामिल है, को इस साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों के तौर पर बताया.
गोर ने आगे कहा कि आने वाले महीनों में भारत और अमेरिका से ठोस नतीजे मिलने की उम्मीद है, जो सरकारों की उस राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाते हैं जिसके तहत वे अवसरों को ठोस परिणामों में बदलना चाहती हैं.
साझेदारी की ताकत और गति को दर्शाती है
उन्होंने कहा, ‘हम कुछ अलग देख रहे हैं. टूटने के बजाय, हम सफलताएं देख रहे हैं. हमने पहले ही सफलताओं की एक सीरीज देखी है, जो अमेरिका-भारत साझेदारी की ताकत और गति को दर्शाती है. इस रिश्ते में ऐतिहासिक ऊंचाइयों तक पहुंचने और ऐसे पैमाने पर नतीजे देने की क्षमता है, जो हमने पहले कभी नहीं देखे हैं.’
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर बात
गोर ने हाल की सफलताओं की तरफ ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि पहला, व्यापार में सफलता. दूसरा, विश्वास और टेक्नोलॉजी में सफलता, और तीसरा, रणनीतिक तालमेल में सफलता. ये सभी इस बात को दर्शाते हैं कि अमेरिका-भारत साझेदारी किस दिशा में आगे बढ़ रही है.
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर बोलते हुए, गोर ने कहा, ‘हमारी अर्थव्यवस्था का पैमाना, हमारे लोगों की प्रतिभा, और दोनों समाजों में मौजूद उद्यमशीलता की ऊर्जा संभावनाओं को बहुत स्पष्ट कर देती है, जिस चीज की जरूरत थी, वह थी गति और राजनीतिक इच्छाशक्ति, ताकि इन अवसरों को सीधे नतीजों में बदला जा सके. आज, हम इस क्षमता को पूरी तरह से सामने लाने की शुरुआत कर रहे हैं.’
उन्होंने आगे कहा, यह साझेदारी सिर्फ टैरिफ और बाजार तक पहुंच के बारे में नहीं है, बल्कि यह उन संसाधनों और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के बारे में भी है जो भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था को परिभाषित करेंगे.’
अंतरिम समझौता
7 फरवरी, 2026 को भारत और अमेरिका ने घोषणा की कि वे आपसी और पारस्परिक रूप से फायदेमंद व्यापार (अंतरिम समझौता) के संबंध में एक अंतरिम समझौते के लिए एक रूपरेखा पर पहुंच गए हैं.
