पटरी पर उतरी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी, जानें किराया, रूट समेत सभी खासियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद से देश की पहली Hydrogen Train को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस ट्रेन का किराया 5 से 25 रुपये तक रखा गया है. Hydrogen Fuel Cell तकनीक से चलने वाली यह ट्रेन बिना धुएं और कार्बन उत्सर्जन के सफर कराएगी. इसमें 10 कोच, 2,600 यात्रियों की क्षमता और कई आधुनिक सुरक्षा सिस्टम दिए गए हैं.

हाइड्रोजन ट्रेन Image Credit:

India First Hydrogen Train: देश की पहली Hydrogen Train अब पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह ट्रेन आम इलेक्ट्रिक ट्रेनों की तरह ओवरहेड बिजली की लाइनों से पावर नहीं लेती. बल्कि हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली बनाकर चलती है. सुरक्षा के लिए इसमें Hydrogen लीकेज, आग, धुआं और अधिक गर्मी का पता लगाने वाले आधुनिक सेफ्टी सिस्टम भी लगाए गए हैं.

कितनी होगी टिकट की कीमत ?

भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन का किराया आम यात्रियों की पहुंच में रखा है. इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक , Hydrogen Train का न्यूनतम किराया 5 और अधिकतम 25 रुपये होगा. टिकट का किराया यात्रा की दूरी के आधार पर तय किया जाएगा.

किस रूट पर चलेगी ट्रेन?

हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा में उत्तरी रेलवे के जींद जंक्शन और सोनीपत के बीच चलेगी. यह ट्रेन रास्ते में इन स्टेशनों पर रुकेगी.

  • जींद सिटी.
  • पांडु पिंडारा.
  • ललित खेड़ा हॉल्ट.
  • भंभेवा.
  • इसापुर खेड़ी हॉल्ट.
  • बुटाना हॉल्ट.
  • खंडराई हॉल्ट.
  • रबराह हॉल्ट.
  • लाठ.
  • मोहाना.
  • बरवासनी हॉल्ट.
  • सोनीपत.

रेलवे के अनुसार, ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 75 किमी प्रति घंटा होगी, जबकि इसकी डिजाइन स्पीड 110 किमी प्रति घंटा है.

कैसे चलती है Hydrogen Train?

Hydrogen Train बिजली के लिए डीजल इंजन या ओवरहेड बिजली की लाइनों पर निर्भर नहीं रहती. इसमें लगे Fuel Cell के भीतर Hydrogen और हवा में मौजूद ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली पैदा होती है. इसी बिजली से ट्रेन के मोटर चलते हैं और पहिए घूमते हैं. इस पूरी प्रक्रिया में केवल जलवाष्प और गर्मी निकलती है. इसमें न धुआं निकलता है और न ही कार्बन उत्सर्जन होता है.

क्या हैं इसकी खासियत?

Hydrogen Train में कुल 10 कोच हैं. इसमें दो Hydrogen से चलने वाली Driving Power Cars और आठ ट्रेलर कोच लगाए गए हैं. ट्रेन में 1,200 kW Hydrogen Fuel Cell Propulsion System दिया गया है. इसमें करीब 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं. सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में Hydrogen लीकेज, धुआं, आग और अधिक तापमान का पता लगाने वाले कई आधुनिक सुरक्षा सिस्टम लगाए गए हैं.

इन देशों की लिस्ट में शामिल हुआ भारत

Hydrogen से चलने वाली यात्री रेल सेवा शुरू करने के साथ भारत अब जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां Hydrogen Rail Technology का इस्तेमाल किया जा रहा है. भारतीय रेलवे का मानना है कि यह परियोजना हरित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी.

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