Weather Alert: मानसून की रफ्तार तेज, बिहार-झारखंड की ओर बढ़ेगा; MP-तेलंगाना में अभी भी हीटवेव का खतरा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 जून तक तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. पूर्वोत्तर भारत, बिहार तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट जारी है. वहीं मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है.

Monsoon Update: देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है. दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में पूर्वी एवं मध्य भारत के और क्षेत्रों को कवर कर सकता है. वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों में अभी भी हीटवेव का असर बना हुआ है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 23 जून 2026 के आसपास मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है.
23 जून तक इन राज्यों में आगे बढ़ सकता है मानसून
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 4-5 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है. ऐसे में तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है.
कई राज्यों में चली तेज हवाएं और गरज-चमक
पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलीं. इसके अलावा पश्चिम उत्तर प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, हरियाणा, विदर्भ, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पंजाब में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं दर्ज की गईं.
मानसून के बीच भी जारी रहेगा हीटवेव का असर
मानसून की प्रगति के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी रहने वाला है. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में 21 जून तक, विदर्भ में 20 जून तक, तेलंगाना में 19 जून तक और छत्तीसगढ़ में 17 जून तक अलग-अलग स्थानों पर हीटवेव की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है.
प्रयागराज रहा सबसे गर्म, 44 डिग्री पहुंचा पारा
देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सबसे अधिक 44.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. वहीं मध्य महाराष्ट्र, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, मराठवाड़ा, विदर्भ और तेलंगाना के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा.
एक्टिव हैं कई मौसमीय सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब से बिहार तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में मौसमी ट्रफ बनी हुई है. उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि दक्षिण पंजाब के आसपास प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी विदर्भ एवं दक्षिण छत्तीसगढ़ के आसपास चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं. एक नया पश्चिमी विक्षोभ 18 जून से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है.
दिल्ली-एनसीआर में अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-एनसीआर में बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. अधिकांश स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की गईं.
18 जून को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शाम या रात में हल्की बारिश तथा गरज-चमक की संभावना है. अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.
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