₹5,000 करोड़ का IPO लाने जा रहा Cube InvIT, जुलाई के अंत तक लिस्टिंग, मजबूत पोर्टफोलियो से निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक और बड़ा आईपीओ आने वाला है. हाईवे एसेट्स का संचालन करने वाला क्यूब हाईवेज ट्रस्ट (Cube InvIT) इस महीने 5,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की तैयारी में है. यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा. मजबूत पोर्टफोलियो, नियमित वितरण और तेजी से बढ़ते कारोबार के दम पर यह आईपीओ निवेशकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बन सकता है.

Cube Highways Trust IPO Image Credit: Cube Highways Trust

Cube Highways Trust IPO : देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक और बड़ा आईपीओ आने वाला है. हाईवे एसेट्स का संचालन करने वाला क्यूब हाईवेज ट्रस्ट (Cube InvIT) इस महीने करीब 5,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च करने की तैयारी में है. खास बात यह है कि यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा. यानी कंपनी नए यूनिट जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे.

निवेशकों के लिए क्यों है खास?

PTI के अनुसार, यह 5,000 करोड़ रुपये का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल पर आधारित होगा. इसका मतलब है कि इस इश्यू से मिलने वाली राशि कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि हिस्सेदारी बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगी. बाजार के जानकारों का मानना है कि लिस्टिंग के बाद ट्रस्ट के यूनिट्स में ट्रेडिंग बढ़ेगी और नए निवेशकों की भागीदारी भी मजबूत होगी.

मजबूत है पोर्टफोलियो

31 मार्च 2026 तक क्यूब हाईवेज ट्रस्ट के पास 27 परिचालन हाईवे एसेट्स हैं, जो 12 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में फैले हुए हैं. इनकी कुल लंबाई 8,754 लेन-किलोमीटर है और इन परियोजनाओं की औसत शेष कंसेशन अवधि 18 वर्ष है. यह लंबी अवधि कंपनी को भविष्य में स्थिर आय मिलने की मजबूत संभावना देती है. यानी Cube Highways Trust के हाईवे प्रोजेक्ट्स के पास टोल वसूलने और हाईवे संचालित करने का अधिकार औसतन अभी 18 वर्ष और बाकी है.

85% आय टोल रोड से

कंपनी के पोर्टफोलियो का करीब 85% हिस्सा टोल रोड परियोजनाओं का है, जिन्हें ट्रैफिक बढ़ने और महंगाई के अनुसार टोल दरों में होने वाली बढ़ोतरी का फायदा मिलता है. वहीं, 15% पोर्टफोलियो एन्युटी परियोजनाओं का है, जिनमें NHAI से तय भुगतान मिलता है. इससे कंपनी की आय में स्थिरता बनी रहती है.

तेजी से बढ़ रहा कारोबार

क्यूब हाईवेज ट्रस्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 में प्रति यूनिट 13.77 रुपये का वितरण घोषित किया, जिससे पूरे साल निवेशकों को 1,851 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. मार्च 2026 के अंत तक ट्रस्ट की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 36,842 करोड़ रुपये हो गई, जिसे सालभर में किए गए 9 नए अधिग्रहणों का समर्थन मिला.

कंपनी का नेट डेट 17,768 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट डेट-टू-एंटरप्राइज वैल्यू अनुपात 46.82% दर्ज किया गया. इसके अलावा ट्रस्ट ने करीब 7,300 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू वाली चार नई हाईवे परियोजनाओं के लिए कमिटमेंट लेटर भी हासिल किए हैं. इनके जुड़ने के बाद कंपनी का पोर्टफोलियो 31 एसेट्स तक पहुंच जाएगा और भविष्य की ग्रोथ के लिए उसे तीन और स्पॉन्सर एसेट्स पर राइट ऑफ फर्स्ट ऑफर भी मिला हुआ है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.