IPO मार्केट की चमक पड़ी फीकी! 20% घटी फंड जुटाने की रफ्तार; बड़े नाम भी बैकफुट पर
भारत का IPO मार्केट पिछले दो साल की रिकॉर्ड तेजी के बाद अब सुस्ती के दौर में पहुंच गया है. 2026 में अब तक IPO के जरिए जुटाई गई राशि में करीब 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. कमजोर शेयर बाजार, ऊंचे वैल्यूएशन और निवेशकों की सख्ती के चलते कई कंपनियां अपने IPO का साइज घटाने या लिस्टिंग टालने को मजबूर हैं.

IPO Market: भारत का IPO मार्केट पिछले दो साल की रिकॉर्ड तेजी के बाद अब सुस्ती के दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है. कमजोर शेयर बाजार, ऊंचे वैल्यूएशन पर निवेशकों की सख्ती और विदेशी निवेशकों की सीमित भागीदारी के चलते कई कंपनियां अपने IPO का साइज घटाने, कम वैल्यूएशन स्वीकार करने या फिर लिस्टिंग टालने को मजबूर हो रही हैं. इसका असर इस साल जुटाई गई राशि पर भी साफ दिखाई दे रहा है.
20 फीसदी की गिरावट
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक कंपनियों ने IPO के जरिए करीब 5.78 अरब डॉलर जुटाए हैं. पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 7.32 अरब डॉलर था. यानी इस साल अब तक जुटाई गई रकम में करीब 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, इससे पहले वर्ष 2025 में भारतीय कंपनियों ने 22.36 अरब डॉलर और वर्ष 2024 में 20.65 अरब डॉलर जुटाकर रिकॉर्ड बनाया था.
कई कंपनियों ने घटाया IPO का साइज
बाजार की मौजूदा परिस्थितियों का असर कई बड़ी कंपनियों पर भी पड़ा है. Temasek समर्थित Manipal Health Enterprises ने अपने IPO का साइज एक अरब डॉलर से घटाकर 96 करोड़ डॉलर कर दिया है. वहीं, Indo-MIM ने भी अपने IPO का साइज करीब 70 करोड़ डॉलर से घटाकर 39.6 करोड़ डॉलर कर दिया. हालांकि, इसके बावजूद इस IPO को 72 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला.
इसी तरह Juniper Green Energy ने अपने IPO का साइज 31.4 करोड़ डॉलर से घटाकर 18.8 करोड़ डॉलर कर दिया है. वहीं, जेप्टो ने IPO की बजाय प्री-IPO प्लेसमेंट का रास्ता चुना है. दूसरी ओर, सिफी इन्फिनिट स्पेसेज ने अपना IPO फिलहाल टाल दिया है, जबकि वॉलमार्ट समर्थित फोनपे ने भी अपनी लिस्टिंग योजना को आगे बढ़ा दिया है.
फिर भी कुछ बड़े IPO पर बनी हुई है नजर
हालांकि, सभी बड़े IPO प्रभावित नहीं हुए हैं. उद्योगपति मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स और NSE का IPO अभी भी तय समय पर आने की संभावना है. दोनों कंपनियों ने जुलाई में बाजार नियामक के पास ड्राफ्ट दस्तावेज जमा किए हैं और मौजूदा योजना के अनुसार सितंबर या अक्टूबर में इनके IPO आ सकते हैं. माना जा रहा है कि इस साल एक अरब डॉलर से बड़े यही दो प्रमुख IPO हो सकते हैं.
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