Inox Clean Energy का बड़ा IPO प्लान, 10000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी; जल्द फाइल करेगी DRHP
InoxGFL Group की Inox Clean Energy करीब 10,000 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी कर रही है. कंपनी सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत तक SEBI के पास DRHP दाखिल कर सकती है. IPO के जरिए करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी डायल्यूट करने और करीब 1 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन का लक्ष्य है.

InoxGFL Group की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Inox Clean Energy करीब 10,000 करोड़ रुपये के IPO की तैयारी कर रही है. कंपनी इस प्रस्तावित IPO के लिए Securities and Exchange Board of India (SEBI) के पास सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत तक ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर सकती है. प्रस्तावित IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी आगे के अधिग्रहण को फंड करने और कर्ज कम करने के लिए कर सकती है.
10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी
Moneycontrol ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि कंपनी इस IPO के जरिए करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है. इसके लिए कंपनी करीब 1 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रही है.
रिन्यूएबल एनर्जी से लेकर सोलर मैन्युफैक्चरिंग तक कारोबार
Inox Clean Energy, InoxGFL Group की ग्रीन एनर्जी शाखा है. कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है. इसका कारोबार पावर जेनरेशन के साथ-साथ सोलर मैन्युफैक्चरिंग तक फैला हुआ है. कंपनी की सब्सिडियरी Inox Neo Energies के जरिए विंड, सोलर और हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट्स को डेवलप, एक्वायर और ऑपरेट किया जाता है.
वहीं, Inox Solar भारत और अमेरिका में सोलर मॉड्यूल्स और सेल्स का मैन्युफैक्चरिंग कारोबार करती है. कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 95 प्रतिशत है. प्रस्तावित IPO के जरिए करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी डायल्यूट करने की योजना है. हालांकि, कंपनी की ओर से इस प्रस्तावित IPO को लेकर भेजे गए ईमेल का खबर प्रकाशित होने तक जवाब नहीं मिला था.
एक साल में 10 बड़े अधिग्रहण
प्रस्तावित IPO ऐसे समय में आ रहा है, जब Inox Clean Energy ने पिछले करीब एक साल में कई बड़े अधिग्रहण किए हैं. कंपनी ने भारत और विदेशों में 10 स्ट्रैटेजिक अधिग्रहण की घोषणा की है या उन्हें पूरा किया है. इन सौदों ने कंपनी को पावर जेनरेशन और सोलर मैन्युफैक्चरिंग को मिलाकर एक बड़े इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म में बदलने में अहम भूमिका निभाई है.
कंपनी का सबसे बड़ा हालिया सौदा करीब 6,000 करोड़ रुपये में Vena Energy India का अधिग्रहण है. यह कंपनी पहले Global Infrastructure Partners के स्वामित्व में थी, जो BlackRock का हिस्सा है. Vena Energy के रिन्यूएबल पोर्टफोलियो में करीब 1 GW की ऑपरेशनल क्षमता, 1.7 GW की सोलर और विंड क्षमता तथा 1.2 GWh के BESS एसेट्स शामिल हैं, जो निर्माण के एडवांस्ड स्टेज में हैं.
इस अधिग्रहण के बाद Inox Clean Energy का ऑपरेटिंग और नियर-ऑपरेशनल पोर्टफोलियो करीब 4 GW हो गया है. कंपनी के पास 12 GW से ज्यादा का सोलर और विंड डेवलपमेंट पाइपलाइन तथा 2.5 GWh का BESS पाइपलाइन भी है.
Vibrant Energy और अन्य कंपनियों का भी अधिग्रहण
Inox Clean Energy ने Macquarie की Vibrant Energy का भी अधिग्रहण किया है. Vibrant Energy के पास 1,337 MW का रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो था. इसके अलावा कंपनी ने SunSource Energy से करीब 300 MW के ऑपरेशनल सोलर प्रोजेक्ट्स खरीदे हैं.
कंपनी ने CalPERS समर्थित SkyPower के भारत और अफ्रीका के कारोबार तथा Evergreen Power के 640 MW के हाइब्रिड पोर्टफोलियो का भी अधिग्रहण किया है. इसके अलावा Wind World India के करीब 600 MW के पावर जेनरेशन पोर्टफोलियो के लिए Inox Clean Energy सफल बोलीदाता के तौर पर उभरी है.
अमेरिका में भी बढ़ाया सोलर मैन्युफैक्चरिंग कारोबार
कंपनी ने अमेरिका में Boviet Solar की सोलर मैन्युफैक्चरिंग एसेट्स को करीब 750 मिलियन डॉलर के एंटरप्राइज वैल्यू पर खरीदा है. इस सौदे के जरिए कंपनी को 3 GW की ऑपरेशनल मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट क्षमता मिली है. साथ ही अमेरिका में अतिरिक्त 3 GW की सोलर सेल फैसिलिटी के अधिग्रहण का समझौता भी किया गया है.
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